Bihar News: भारत-नेपाल के बीच सब्जी ले जाने की सीमा तय, वर्षों पुरानी आवाजाही पर लगे पहरे से किसान चिंतित
भारतीय किसानों को नेपाल में सब्जी ले जाने पर मात्रा संबंधी प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी ...और पढ़ें

भारत नेपाल सीमा पर तैनान व जुटे स्थानीय लोग।
संवाद सहयोगी, जयनगर (मधुबनी)। भारत और नेपाल के बीच वर्षों से कायम बेटी-रोटी के रिश्ते में अब सब्जियों की मात्रा का सवाल भी आ खड़ा हुआ है। सीमावर्ती भारतीय किसान अपनी खेतों में उगाई सब्जियां लेकर नेपाल के हाट-बाजारों में जाते थे, लेकिन अब वहां सब्जी ले जाने की मात्रा तय कर दी गई है।
नेपाल एपीएफ ने सरकारी आदेश का हवाला देते हुए भारतीय किसानों को सब्जी ले जाने से रोक दिया। निर्देश के मुताबिक, दैनिक उपयोग के लिए केवल 10 से 20 किलो सब्जी ले जाने की अनुमति है। शनिवार को जयनगर के बेतौंहा बॉर्डर पर किसानों को रोके जाने से नाराजगी बढ़ गई। किसानों ने बॉर्डर पर जाम कर अपनी परेशानी जताई।
10 से 20 किलो की तय हुई सीमा
नेपाल सशस्त्र बल (एपीएफ) के जवानों ने भारतीय किसानों को निर्धारित मात्रा से अधिक सब्जी ले जाने से रोक दिया। जवानों का कहना था कि सरकारी आदेश के अनुसार दैनिक उपयोग के लिए 10 से 20 किलो तक सब्जी ले जाने की छूट है। इससे अधिक मात्रा में सब्जी ले जाने की अनुमति नहीं है। इस पाबंदी से उन छोटे किसानों की परेशानी बढ़ गई है, जो नियमित रूप से नेपाल के बाजारों में सब्जियां बेचकर परिवार का खर्च चलाते हैं।
सिरहा और धनुषा के बाजारों में होती है बिक्री
भारतीय क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों के किसान लंबे समय से सब्जियों की खेती कर रहे हैं। वे साइकिल या सिर पर सब्जी लेकर नेपाल के सिरहा और धनुषा जिलों के सीमावर्ती हाट-बाजारों में बिक्री के लिए जाते हैं। दोनों देशों के सीमावर्ती गांवों में सप्ताह में दो से तीन दिन हाट लगते हैं। इन बाजारों में भारतीय किसानों की सब्जियों की अच्छी मांग रहती है। वर्षों से चली आ रही इस व्यवस्था से दोनों तरफ के लोगों को सहूलियत मिलती रही है।
बेटी-रोटी के रिश्ते पर असर की चिंता
सब्जी के थोक विक्रेता मो. अकबर ने कहा कि नेपाल के लोग भारतीय सब्जियों, खाद्यान्न और दैनिक उपयोग की कई वस्तुओं पर निर्भर हैं। इस तरह की पाबंदी से वहां के आम नागरिकों को भी परेशानी हो सकती है। सीमावर्ती किसानों ने आशंका जताई कि सब्जियों की आवाजाही पर सख्ती का असर दोनों देशों के बीच वर्षों से कायम बेटी-रोटी के संबंधों पर भी पड़ सकता है।
कस्टम की प्रक्रिया छोटे किसानों के लिए कठिन
कस्टम विभाग के अनुसार, बड़े बंदरगाहों से सब्जियों के निर्यात के लिए निर्धारित नियमों और कागजी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। जयनगर का बेतौंहा ट्रेड रूट है, लेकिन सब्जी आयात के लिए अब तक किसी ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन नहीं किया है।
कस्टम अधीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि निर्यात की प्रक्रिया में कई नियम हैं। छोटे किसानों के लिए कागजी कार्रवाई पूरी करना कठिन है। अब तक किसी किसान ने निर्यात के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार नहीं किए हैं।
बॉर्डर पर जाम के बाद सामान्य हुई स्थिति
शनिवार को नेपाल एपीएफ की ओर से भारतीय किसानों को सब्जी ले जाने से रोके जाने के बाद बॉर्डर पर जाम लग गया। किसानों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया। हालांकि, बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
आम दिनों की तरह किसान सब्जियां लेकर नेपाल जा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में साइकिल या सिर पर सब्जी ले जाने की पारंपरिक व्यवस्था और कस्टम की औपचारिक आयात-निर्यात प्रक्रिया के बीच अंतर भी इस पूरे मामले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।