भारतीय सब्जियों की नेपाल में 'नो एंट्री', मधुबनी में नाराज किसानों ने सील किया बॉर्डर
नेपाल सरकार द्वारा भारतीय सब्जियों के प्रवेश पर रोक लगाने के विरोध में जयनगर में भारतीय किसानों ने भारत-नेपाल सीमा को घंटों जाम कर दिया।

नाराज किसानों ने सील किया बॉर्डर
HighLights
भारतीय किसानों ने नेपाल सीमा पर प्रदर्शन किया।
नेपाल ने भारतीय सब्जियों के प्रवेश पर रोक लगाई।
दशकों पुराने बेटी-रोटी के रिश्ते पर असर पड़ा।
संवाद सहयोगी, जयनगर (मधुबनी)। भारत-नेपाल के बीच दशकों पुराने बेटी-रोटी के रिश्ते पर अब सियासी फरमान भारी पड़ने लगा है। नेपाल सरकार के नए नियम के तहत भारतीय किसानों की सब्जी को नेपाल के बाजारों में बेचने पर रोक लगाए जाने के बाद शनिवार को सीमावर्ती किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित किसानों ने जयनगर थाना क्षेत्र के बेतौंहा गांव स्थित भारत-नेपाल के माड़र बॉर्डर कस्टम चेक पोस्ट पर मुख्य सड़क को घंटों जाम कर दिया।
हथलेटवा बॉर्डर को भी बंद कराया
सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुआ जाम दोपहर 2 बजे तक जारी रहा। इस दौरान किसानों ने बेतौंहा-माड़र के साथ-साथ हथलेटवा बॉर्डर को भी बंद कर दिया। दोनों देशों के बीच पैदल और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। सैकड़ों लोग बॉर्डर के दोनों ओर फंसे रहे। स्कूली बच्चे, मरीज और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी मिलते ही एसएसबी 48वीं बटालियन जयनगर के अंतर्गत बेतौंहा बीओपी के इंस्पेक्टर एमएस विश्वकर्मा जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं नेपाल की ओर से माड़र एपीएफ के डीएसपी पादम खाड़क भी दल-बल के साथ जाम स्थल पर पहुंचे। दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों ने घंटों किसानों से बातचीत कर समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया।
वर्षों से नेपाल में बेचते हैं सब्जी
आंदोलन में शामिल किसान कुशेश्वर सिंह, उमेश सिंह, सुकृत सिंह, भोला सिंह, सुरेश यादव, घनश्याम सिंह, ललन यादव और धर्मनाथ सिंह ने बताया कि उनका खेत भारत-नेपाल सीमा से सटे बेतौंहा, कमलावाड़ी, अर्राहा, छर्रापट्टी और हथलेटवा गांव में है।
यहां उपजने वाली परवल, भिंडी, बैंगन, टमाटर और साग-सब्जी को वे पिछले 20-25 वर्षों से नेपाल के माड़र, लहान और सिरहा बाजार में बेचते आ रहे हैं। भारतीय सीमा से महज 1 से 2 किलोमीटर दूर होने के कारण माड़र बाजार ही उनके लिए सबसे नजदीकी और लाभदायक मंडी है।
किसानों ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह जब वे साइकिल और टेंपो पर सब्जी लादकर माड़र बाजार जा रहे थे, तो नेपाल सशस्त्र बल (एपीएफ) के जवानों ने बॉर्डर पर रोक दिया। जवानों ने कहा कि वरीय अधिकारियों का आदेश है कि भारतीय कमर्शियल सब्जी को नेपाल में प्रवेश नहीं करने दिया जाए। इससे सैकड़ों क्विंटल सब्जी बॉर्डर पर ही सड़ने की कगार पर पहुंच गई।
एपीएफ का तर्क - 20 किलो तक ले जा सकते हैं
इस मामले में माड़र बॉर्डर के एपीएफ डीएसपी पादम खाड़क ने बताया कि यह आदेश उनके वरीय अधिकारियों का है। कमर्शियल मात्रा में सब्जी के आयात पर रोक लगाई गई है, ताकि नेपाली किसानों को नुकसान न हो। दैनिक उपयोग के लिए पूरी छूट है। कोई भी व्यक्ति 10 से 20 किलो तक सब्जी भारत से नेपाल ले जा सकता है।
वहीं घंटों जाम में फंसे नेपाल के सिरहा जिले के लहान गांव निवासी मो. अबुल ऐस ने कहा कि इस तरह की रोक से दोनों देशों के आम लोगों का नुकसान हो रहा है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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