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ड्यूटी में तैनात ASI ने बरसाई गोलियां, 1 की मौत और 3 घायल; मधुबनी में अवैध संबंध के शक में देर रात बवाल

Published: Tue, 03 Nov 2026 09:09 AM (IST)

बिहार के मधुबनी में एक पुलिस पिकेट पर तैनात एएसआई की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।

अस्पताल पहुंची पुलिस टीम। फोटो जागरण

अस्पताल पहुंची पुलिस टीम। फोटो जागरण

HighLights

  1. एएसआई की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत, तीन घायल।

  2. ग्रामीणों द्वारा एएसआई को घेरने के बाद हुई घटना।

  3. एएसआई निलंबित, हत्या का मामला दर्ज, आरोपी की तलाश जारी।

संवाद सहयोगी, बाबूबरही (मधुबनी)। बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र अंतर्गत बलिराजगढ़ गांव में देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई है।

पुलिस पिकेट पर तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) चंद्रमोहन सिंह द्वारा की गई फायरिंग में 50 वर्षीय अशोक यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतका की बेटी की शादी 14 दिसंबर होने वाली थी। वह, बेंगलुरू में पान की दुकान चलाता था।

गलत नीयत से घुसा था सिपाही 

बताया जाता है कि बलिराजगढ़ निवासी विजय यादव की पत्नी मायके गई हुई थी। उनके घर में उनकी पुत्री और पड़ोसी अशोक यादव की पुत्री सोई हुई थी।

आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एक ASI गलत नीयत से विजय यादव के घर में घुस गया। इसकी भनक लगने पर पड़ोसन फूलो देवी ने बाहर से दरवाजे की सिटकनी बंद कर दी और शोर मचाया।

शोर सुनकर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। खुद को ग्रामीणों से घिरा देख आरोपी एएसआई ने अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर 5 से 6 राउंड फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में चार ग्रामीणों अशोक यादव, धनिक लाल यादव, फूलो देवी और विजेंद्र यादव को गोलियां लगीं। 

सभी घायलों को बाबूबरही सीएचसी लाया गया, जहां चिकित्सकों ने अशोक यादव को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है।घटना की सूचना पर एसपी मधुबनी रात से ही बाबूबरही थाने पर कैंप किए हुए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

अवैध संबंध के चलते हत्या का शक

बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ में पुलिस पीकेट बनाई गई है। उसी पुलिस पीकेट में एएसआई प्रतिनियुक्त था। एसएसपी योगेन्द्र कुमार के अनुसार, एएसआई समान लेने के लिए वहां आता-जाता था।

इसी क्रम में उसका वहां एक महिला के साथ अवैध संबंध बना था, जहां वह अक्सर आने-जाने लगा था। रात भी वह उसी महिला के पास गया था।

बीते कुछ समय से ग्रामीण उसकी इस हरकत पर नजर रख रहे थे। रात में ग्रामीणों ने उस घर को चारों तरफ से घेर लिया था। अपने आपको ग्रामीणों के आक्रोश से बचाने के लिए उसने तीन-चार राउंड गोली चलाई, जिसमें यह घटना हुई है।

पहले भी विवादों में रहा चंद्रमोहन 

एएसआई चंद्रमोहन सिंह पहले मधवापुर थाना में रह चुका है। बेनीपट्टी में कुछ माह पहले शराब तस्कर के नाम पर बाइक को रोकने के क्रम में एक बाइक सवार की मौत हुई थी। जिसमें 4-5 राउंड गोली चलाई थी, उस मामले में भी एएसआई चंद्रमोहन सिंह और डायल 112 के चालक को सस्पेंड किया गया था।

ASI

मई 2026 में बलिराजगढ़ खुदाई स्थल पर उपद्रवी लोगों द्वारा काम को प्रभावित किया जा रहा था और खुदाई में मिले पुरातत्विक अवशेष को चुराया जा रहा था। तब वहां एसएसपी और ग्रामीणों ने बैठक पुलिस कर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया था।

उसके बाद से ही यहां एक एएसआई, तीन सेफ के जवान और दो चौकीदार तैनात थे। ड्यूटी के बाद वे आवासीय बालिका विद्यालय में रहते थे। बलिराजगढ़ में सुरक्षा के लिए ही पुलिस पीकेट बनाई गई है।

वहां एक एएसआई, तीन होमगार्ड के जवान रहनें की सूचना मिली है।चंद्रमोहन सिंह पहले मधवापुर थाना में रह चुका है। वहां भी पहले इसके द्वारा कुछ घटना हुई था।  

सिपाही को किया गया सस्पेंड

घटना के बाद वरीय पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायलों और परिजनों से मुलाकात की तथा घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी एएसआई घटना के बाद से फरार है।

उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है।

 

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