पटना-पूर्णिया वंदे भारत का मुरलीगंज में होगा ठहराव? ECR अधिकारियों ने दिया आश्वासन, रेलवे बोर्ड के फैसले पर नजर
Patna Purnia Vande Bharat Stoppage: मुरलीगंज रेलवे स्टेशन पर पटना-पूर्णिया वंदे भारत एक्सप्रेस के ठहराव की उम्मीदें काफी बढ़ गई ...और पढ़ें

Patna Purnia Vande Bharat Stoppage: मुरलीगंज स्टेशन पर पटना-पूर्णिया वंदे भारत के ठहराव की उम्मीद बढ़ी
HighLights
मुरलीगंज में वंदे भारत ठहराव की उम्मीदें बढ़ीं।
ECR अधिकारियों ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रयासों से मिली यह सफलता।
संवाद सूत्र, मुरलीगंज (मधेपुरा)। Patna Purnia Vande Bharat Stoppage: पटना और सीमांचल को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित पटना-पूर्णिया वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 26301 एवं 26302) का मधेपुरा जिले के प्रमुख व्यापारिक केंद्र मुरलीगंज रेलवे स्टेशन पर ठहराव होने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। स्थानीय चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा मंडल, जोनल और रेलवे बोर्ड स्तर पर लगातार किए जा रहे प्रयासों को उस समय बड़ी गति मिली, जब पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) के हाजीपुर स्थित जोनल मुख्यालय के शीर्ष अधिकारियों ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शिवशंकर भगत ने बताया कि हाजीपुर में जोनल अधिकारियों के साथ हुई वार्ता पूरी तरह सार्थक रही है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि तीन दिनों के भीतर मुरलीगंज स्टेशन पर वंदे भारत के ठहराव का तकनीकी प्रस्ताव रेलवे बोर्ड (नई दिल्ली) को औपचारिक अनुशंसा के साथ भेज दिया जाएगा।
डीआरएम से लेकर दिल्ली रेलवे बोर्ड तक की गई पहल
मुरलीगंज में वंदे भारत के ठहराव को लेकर चैंबर ऑफ कॉमर्स चरणबद्ध तरीके से दबाव बना रहा है। सबसे पहले 27 जून को एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) से मुलाकात कर जनहित में ठहराव की मांग रखी थी। इसके बाद 30 सितंबर को चैंबर सचिव विनोद बाफना ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन में रेलवे बोर्ड के सदस्य (परिचालन एवं व्यवसाय विकास) मनोज सिंह से सीधे मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था।
ट्रेन की समय-सारिणी और रूट का तकनीकी परीक्षण करने के बाद सदस्य मनोज सिंह ने सुझाव दिया था कि नियमों के तहत पहले संबंधित हाजीपुर जोन से सकारात्मक अनुशंसा आनी आवश्यक है, जिसके आधार पर रेलवे बोर्ड अंतिम स्वीकृति की मुहर लगाएगा।
सीएमओ और विधायक की अनुशंसा के साथ जोनल अफसरों से वार्ता
रेलवे बोर्ड के इसी निर्देश के आलोक में चैंबर अध्यक्ष शिवशंकर भगत के नेतृत्व में सचिव विनोद बाफना, कोषाध्यक्ष सूरज जायसवाल, उपाध्यक्ष प्रभात पाल और विनय जायसवाल ने हाजीपुर पहुंचकर पूर्व मध्य रेल के उप महाप्रबंधक अमरेंद्र कुमार और उप मुख्य परिचालन प्रबंधक (Dy. COM) मोहम्मद इम्तियाज आलम से विस्तृत वार्ता की और मांग पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के साथ स्थानीय विधायक निरंजन मेहता का आधिकारिक अनुशंसा पत्र और बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से निर्गत अनुशंसा की प्रति भी संलग्न की। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि मुरलीगंज कोसी और सीमांचल का बड़ा व्यापारिक हब है, जहाँ से प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, मरीज, छात्र और आम नागरिक राजधानी पटना के लिए सफर करते हैं।
रेलवे बोर्ड के फैसले पर टिकी निगाहें
जोनल अधिकारियों द्वारा तीन दिनों में अनुशंसा भेजने के आश्वासन के बाद अब क्षेत्रवासियों और व्यापारियों की नजरें रेलवे बोर्ड के अंतिम फैसले पर टिक गई हैं। यदि रेलवे बोर्ड से इस ठहराव को हरी झंडी मिल जाती है, तो मुरलीगंज नगर सहित आसपास के बिहारीगंज, कुमारखंड, जानकीनगर और बनमनखी प्रखंडों के यात्रियों को पटना और पूर्णिया के बीच अत्याधुनिक, सुरक्षित और समय बचाने वाली प्रीमियम रेल सेवा का सीधा लाभ मिलने लगेगा।
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