मौत के बाद भी जिंदा रहेंगी गरिमा और लीजा, मधेपुरा की दो बहनों ने लिया अंगदान का संकल्प, केबीसी से मिली प्रेरणा
मधेपुरा की गरिमा उर्विशा और लीजा मान्या ने मृत्यु के बाद अपने महत्वपूर्ण अंग दान करने का संकल्प लिया है।

अंगदान का संकल्प लेने वाली मधेपुरा की प्रेरणादायी बहनें गरिमा उर्विशा और लीजा मान्या. जागरण
HighLights
मधेपुरा की बहनों ने मृत्यु उपरांत अंगदान का संकल्प लिया।
केबीसी और अमिताभ बच्चन की अपील से मिली प्रेरणा।
गरिमा 'ऑक्सीजन गर्ल' के नाम से भी हैं प्रसिद्ध।
संवाद सूत्र, मधेपुरा। दुर्गा पूजा का पर्व नारी शक्ति, साहस और समाज के प्रति समर्पण का संदेश देता है। मधेपुरा की दो सगी बहनों—गरिमा उर्विशा और उनकी छोटी बहन लीजा मान्या—ने अपने साहसी और मानवीय कार्यों से इस संदेश को एक नई बुलंदी दी है।
दोनों बहनों ने मृत्यु उपरांत अपने शरीर के महत्वपूर्ण अंग (नेत्र, लीवर, किडनी और हृदय) दान करने की घोषणा कर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। उनका यह संकल्प न केवल अंगदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करता है, बल्कि जरूरतमंदों की जिंदगी में नई रोशनी और उम्मीद जगाने का काम कर रहा है।
केबीसी और अमिताभ बच्चन की अपील से मिली प्रेरणा
इस प्रेरणादायक यात्रा की शुरुआत साल 2021 में हुई, जब टीवी के लोकप्रिय शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) में एक नेत्रहीन प्रतिभागी ने 15 सवालों के सही जवाब देकर एक करोड़ रुपये जीते थे।
उस प्रतिभागी के आत्मविश्वास और दुनिया न देख पाने के मलाल को तथा महानायक अमिताभ बच्चन की अंगदान करने की सार्वजनिक अपील को देखकर गरिमा उर्विशा के भीतर गहरा प्रभाव पड़ा।
इसी से प्रेरित होकर गरिमा ने 12 अगस्त 2022 को अपने 25वें जन्मदिन पर 'दधीचि देहदान समिति' के माध्यम से मृत्यु उपरांत अपने दोनों नेत्र, दिल और किडनी दान करने की औपचारिकताएं पूरी कर लीं।
बड़ी बहन के इस कदम से प्रेरित होकर छोटी बहन लीजा मान्या ने भी वर्ष 2025 में अपने 22वें जन्मदिन पर नेत्र, लीवर, किडनी और हृदय दान करने की घोषणा कर दी।
संघर्षों से भरा सफर, वकालत और कॉर्पोरेट तक का मुकाम
दोनों बहनों का यह सफर संघर्ष और हौसले की दास्तां है। बचपन में ही दोनों के सिर से पिता का साया उठ गया था, जिसके बाद उनकी मां ने निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य कर दोनों का पालन-पोषण किया।
बड़ी बहन गरिमा उर्विशा ने ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई जारी रखी और एलएलबी की डिग्री हासिल कर वर्तमान में मधेपुरा न्यायालय में वकालत कर रही हैं। वहीं, छोटी बहन लीजा उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित हेल्थ एक्सेस में 'अकाउंट रीसीवेबल एनालिस्ट' के पद पर कार्यरत हैं।
'ऑक्सीजन गर्ल' के रूप में पहचान और 14 बार रक्तदान
संकल्प मैत्री फाउंडेशन से जुड़ी गरिमा मधेपुरा में 'ऑक्सीजन गर्ल' के नाम से जानी जाती हैं। कोरोना महामारी के कठिन दौर में उन्होंने जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचकर जी-जान से मदद की थी।
आक्सीजन की कमी से जूझ रहे मरीजों के लिए विभिन्न माध्यमों से सिलेंडर की व्यवस्था कर उन्होंने कई जानें बचाईं। नाटक, कला और लेखन के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने वाली गरिमा अब तक 14 बार रक्तदान कर चुकी हैं।
उनके इन्हीं उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें बिहार सरकार समेत कई प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। छोटी बहन लीजा भी फाउंडेशन के जरिए नाटक और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं।
