मधेपुरा की मुखिया मंजू देवी ने 140 टीबी मरीजों को लिया गोद, शिक्षा और खेल को भी दे रहीं बढ़ावा
आलम नगर की खुरहान पंचायत की मुखिया मंजु देवी ने 140 टीबी मरीजों को गोद लेकर और शिक्षा-खेलकूद को बढ़ावा देकर समाज में मिसाल कायम की है।

समाज सेवा और विकास कार्यों के लिए पहचानी जाने वाली खुरहान पंचायत की मुखिया मंजु देवी।
HighLights
140 टीबी मरीजों को गोद लेकर उपचार और पोषण की जिम्मेदारी संभाली।
सरकारी स्कूलों के बच्चों को यूनिफार्म और खेल सामग्री उपलब्ध कराई।
PMO से लाल किले का न्योता, राज्य के शीर्ष मुखियाओं में चयन।
संवाद सूत्र, आलमनगर (मधेपुरा)। आलमनगर प्रखंड की खुरहान पंचायत की मुखिया मंजु देवी स्वास्थ्य, शिक्षा और खेलकूद के क्षेत्र में अपने नवाचारी प्रयासों से समाज में एक मजबूत मिसाल पेश कर रही हैं। पारंपरिक दायित्वों से आगे बढ़कर उन्होंने समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद लोगों की मदद करने का बीड़ा उठाया है।
इसी कड़ी में उन्होंने प्रखंड के 140 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार, देखभाल और पौष्टिक आहार की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई है। इसके साथ ही पंचायत के सभी सरकारी विद्यालयों के बच्चों को यूनिफार्म और खेल सामग्री उपलब्ध कराकर शिक्षा के प्रति उनका उत्साहवर्धन कर रही हैं।
मंजु देवी पिछले तीन वर्षों से लगातार पंचायत स्तर पर जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन भी करा रही हैं। उनके इन पुनीत प्रयासों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं, गरीब परिवारों के बच्चों और जरूरतमंदों को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना है।
उनके उत्कृष्ट सामाजिक और प्रशासनिक कार्यों को देखते हुए वर्ष 2025 में लाल किले में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से विशेष आमंत्रण भी मिल चुका है। इतना ही नहीं, पंचायत के सर्वांगीण विकास कार्यों के लिए उनका चयन राज्य के टॉप-10 मुखिया की सूची में भी हो चुका है।
टीबी मरीजों के लिए बनीं संबल
विशेषज्ञों के अनुसार, टीबी (क्षय रोग) के मरीजों को उपचार के दौरान नियमित देखभाल, पौष्टिक आहार और मानसिक संबल की अत्यधिक आवश्यकता होती है।
ऐसे में मुखिया मंजु देवी द्वारा इन मरीजों को गोद लेकर उनकी हरसंभव मदद करना बीमारी से जूझ रहे लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचायक है। यह पहल समाज के अन्य सक्षम लोगों और जनप्रतिनिधियों को भी सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करती है।
शिक्षा और खेलकूद को दे रही हैं बढ़ावा
शिक्षा के क्षेत्र में भी मंजु देवी पूरी तरह सक्रिय नजर आती हैं। अपने अधिवक्ता पुत्र के सहयोग से उन्होंने स्कूली बच्चों को यूनिफार्म उपलब्ध कराने की सराहनीय पहल की है। इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति लगन बढ़ती है और आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई रुकने का खतरा कम होता है।
उनका मानना है कि शिक्षा ही समाज के विकास की असली बुनियाद है। इसके साथ ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेलकूद को अनिवार्य मानते हुए वह खेल प्रतियोगिताओं और खेल सामग्रियों के वितरण को बढ़ावा दे रही हैं। उनका मानना है कि खेल से बच्चों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है।
"महिलाओं की भूमिका अब केवल घर-परिवार की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। वे नेतृत्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा जैसे हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित कर रही हैं। मेरा प्रयास क्षेत्र की अन्य महिलाओं को सामाजिक भागीदारी, अधिकारों के प्रति जागरूकता और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करना है।"
