मधेपुरा में प्रिंस रंजन हत्याकांड का 72 घंटे में खुलासा, स्मैक और लूट के लिए मारी थी गोली, तीन अपराधी गिरफ्तार
मधेपुरा पुलिस ने राजद विधायक के करीबी प्रिंस रंजन हत्याकांड का 72 घंटे में खुलासा कर दिया है। स्मैक और ...और पढ़ें

मधेपुरा में हत्याकांड का खुलासा करते एसपी डॉ. संदीप सिंह और पुलिस टीम।
HighLights
प्रिंस रंजन हत्याकांड का 72 घंटे में हुआ खुलासा।
स्मैक और लूट के लिए की गई थी हत्या।
तीन मुख्य अपराधी गिरफ्तार, हथियार और स्मैक बरामद।
संवाद सहयोगी, मधेपुरा। मधेपुरा सदर के राजद विधायक सह पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के करीबी रिश्तेदार प्रिंस रंजन हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 72 घंटे के अंदर उद्भेदन कर लिया है।
इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीन मुख्य अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने दो कट्टा, दो कारतूस, 32 ग्राम स्मैक, वारदात में प्रयुक्त पल्सर 220 मोटरसाइकिल, लूटा गया मोबाइल और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं।
सोमवार शाम को पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह ने प्रेस वार्ता आयोजित कर पूरे मामले का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि अभियुक्तों ने पूछताछ में कबूल किया है कि उन्होंने लूटपाट के दौरान विरोध करने पर प्रिंस को गोली मारी थी।
पीएचडी मिलने से पहले प्रिंस की हत्या
प्रिंस रंजन भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय का शोध छात्र था। पैट-2021 के शोधार्थी प्रिंस के शोध निदेशक प्रो. राजीव कुमार मल्लिक थे। प्रिंस के शोध का विषय द पॉलिटिक्स ऑफ मैरिज: ए स्टडी ऑफ मैरिटल रिलेशंस इन सिलेक्टेड वर्क्स ऑफ अनीता देसाई एंड नयनतारा सहगल था।
प्रिंस ने अपनी पीएचडी की थीसिस भी जमा कर दी थी। घटना के दिन वह रिपोर्टिंग करने विश्वविद्यालय जा रहा था। जल्द ही प्रिंस को पीएचडी की उपाधि मिलने वाली थी।
स्मैक और पैसों के लिए बनाई थी लूट की योजना
बीते 16 अक्टूबर को दिन के करीब 11 बजे साहूगढ़-गोड़ियारी रोड पर राजा ईंट भट्ठा के समीप घैलाढ़ थाना क्षेत्र के इनरवा निवासी सुनील कुमार के पुत्र प्रिंस रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ था, जिसके बाद सदर एसडीपीओ अजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।
तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों—साहूगढ़ के क्रांति कुमार (22), शंकरपुर के संजीत दास (32) एवं साहूगढ़ के गौरव कुमार (19) को धर दबोचा।
पूछताछ में मुख्य आरोपी क्रांति कुमार ने खुलासा किया कि घटना के दिन उनके पास स्मैक खरीदने और पर्व-त्योहार के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने राहगीरों से लूट की योजना बनाई थी।
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घटनास्थल के समीप उन्होंने पहले दो अन्य बाइक सवारों को भी रोकने का प्रयास किया था। इसी दौरान बैग लेकर आ रहे प्रिंस को उन्होंने किसी फाइनेंस कंपनी का कलेक्शन एजेंट समझकर रोकने की कोशिश की।
जब प्रिंस ने बाइक नहीं रोकी, तो क्रांति ने गुस्से में गोली चला दी। गोली प्रिंस के पेट के बगल में लगी, जिससे वे बाइक समेत धान के खेत में गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गोड़ियारी-सिंहपुर रोड स्थित पुल के पास से लूटा गया मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
अपराधियों का रहा है लंबा आपराधिक इतिहास
एसपी डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि गौरव कुमार ने वारदात में इस्तेमाल गोली उपलब्ध कराई थी। हथियार और स्मैक की बरामदगी को लेकर आरोपियों पर अलग से एनडीपीएस (NDPS) एवं आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में क्रांति कुमार और संजीत दास का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। क्रांति कुमार पर सदर थाने में विभिन्न मामलों के तहत 10 मुकदमे दर्ज हैं।
जबकि संजीत दास पर सदर के अलावा शंकरपुर, सिंहेश्वर, त्रिवेणीगंज और छातापुर थाने में कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है और शेष फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
"राजद विधायक के रिश्तेदार प्रिंस रंजन हत्याकांड का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर लिया गया है। स्मैक की लत और पैसे की जरूरत के लिए लूटपाट के दौरान अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया था। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार, स्मैक और लूटा हुआ मोबाइल बरामद कर लिया गया है। इनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।"
— डॉ. संदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक, मधेपुरा
प्रिंस रंजन भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय का शोध छात्र था। पैट-2021 के इस शोधार्थी के शोध निदेशक प्रो. राजीव कुमार मल्लिक थे। उनके शोध का विषय 'द पालिटिक्स आफ मैरिज : ए स्टडी आफ मैरिटल रिलेशंस इन सिलेक्टेड वर्क्स आफ अनीता देसाई एंड नयनतारा सहगल' था। प्रिंस ने अपनी पीएचडी थीसिस भी जमा कर दी थी और जल्द ही उसे उपाधि मिलने वाली थी। घटना के दिन वह रिपोर्टिंग के सिलसिले में विश्वविद्यालय जा रहा था।
