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मधेपुरा में सिलिंडर धमाके से तबाही, 10 परिवारों के घर राख, 25 लाख से अधिक की क्षति; दमकल की देरी पर आक्रोश

Published: Wed, 28 Oct 2026 05:42 PM (IST)

मधेपुरा के शंकरपुर प्रखंड में गैस सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई, जिसमें 8-10 परिवारों के घर जलकर राख ...और पढ़ें

मधेपुरा के शंकरपुर में आगजनी के बाद जले हुए घरों का मलबा और विलाप करते पीड़ित परिवार।  सौ. ग्रामीण

मधेपुरा के शंकरपुर में आगजनी के बाद जले हुए घरों का मलबा और विलाप करते पीड़ित परिवार।  सौ. ग्रामीण 

HighLights

  1. गैस सिलेंडर फटने से 8-10 परिवारों के घर जले।

  2. आग से 25 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

  3. दमकल की देरी पर ग्रामीणों ने भारी आक्रोश जताया।

संवाद सूत्र, शंकरपुर (मधेपुरा)। शंकरपुर प्रखंड की सोनवर्षा पंचायत स्थित डीएसपी टोला वार्ड नंबर 11 में गैस सिलेंडर से लगी आग में करीब 8 से 10 परिवारों के घर जलकर राख हो गए। आग की चपेट में आए परिवारों का घरेलू सामान और संपत्ति नष्ट हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाकर घरों से बाहर भागे।

बताया गया कि आग की शुरुआत गैस सिलेंडर से हुई। देखते ही देखते लपटें आसपास के घरों तक फैल गईं। इस दौरान घरों में रखे दो गैस सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गए, जिससे आग और फैल गई। हादसे में लगभग 25 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति के नुकसान की आशंका है।

ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा

आग लगने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सैकड़ों ग्रामीणों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद अग्निशमन दल घटनास्थल पर पहुंचा। आग इतनी भीषण थी कि दमकल कर्मियों को बची हुई आग बुझाने में करीब दो घंटे लगे। इस दौरान लगातार पानी की बौछार करनी पड़ी।

Madhepura Cylinder Blast Destroys 10 Homes 25 Lakh Loss (1)

स्थानीय लोगों के अनुसार, शंकरपुर प्रखंड में नजदीक कोई सरकारी दमकल केंद्र नहीं है। फुरकान आलम, मुखिया प्रतिनिधि राजेंद्र यादव और अन्य लोगों ने कहा कि दमकल केंद्र नहीं होने से पहले भी कई बड़ी घटनाओं में परेशानी हुई है।

इस बार भी दमकल के देर से पहुंचने के कारण आग पर काबू पाने में कठिनाई हुई। अग्निशमन कर्मियों ने बताया कि सूचना मिलते ही वे घटनास्थल के लिए रवाना हो गए थे, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण पहुंचने में समय लगा।

10 परिवारों का सामान जला

आग में मु. अजीज, मु. रमजान, मु. इसराफिल, मु. रज्जाक, मु. जलील, मु. खलील, मु. शम्सुद्दीन, मु. इलियास, मु. हबीब और मु. यूसुफ के घर और सामान जल गए। फर्नीचर, साइकिल, अनाज, कपड़े और बर्तन समेत घर में रखा सामान राख हो गया।

घटना के बाद पीड़ित परिवार अपने जले हुए सामान को देखते रहे और स्थानीय प्रशासन से मुआवजे तथा राहत सामग्री की मांग की। सिलेंडर किसके घर में फटी यह बताने में पीड़ित व ग्रामीण असमर्थ दिखे। ग्रामीणों ने अंदाजा लगाया कि मु. अजीज के घर से आग की लपटें उठी थी।

राजस्व पदाधिकारी ने किया निरीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही राजस्व अधिकारी अरशद नदीम राजस्व कर्मचारी के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से जानकारी ली और क्षति के आकलन के लिए सीओ के नाम आवेदन देने को कहा, ताकि मुआवजे की राशि जल्द दिलाई जा सके। उन्होंने पीड़ितों को पालीथिन शीट उपलब्ध कराई और पीडीएस के माध्यम से राशन देने की बात कही।

समाजसेवी संजीव कुमार, जदयू नेता मनोज कुमार यादव, मास्टर साबिर आलम, मु. अय्यूब, मुकेश कुमार और मु. रफीद समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल सरकारी मुआवजा, रहने के लिए तिरपाल और राशन उपलब्ध कराने की मांग की।

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