विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सुपौल-मधेपुरा के दो आरोपी गिरफ्तार, लॉज से बुप्रेनारफिन और फेनिरामिन के 10,540 प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त

Published: Wed, 28 Oct 2026 05:15 PM (IST)

मद्यनिषेध विभाग ने सुपौल के गौरवगढ़ में छापेमारी कर 10,540 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए। इस कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए, जिनसे आगे की पूछताछ जारी है।

सुपौल में प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामदगी के बाद कार्रवाई करती मद्यनिषेध विभाग की टीम। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

सुपौल में प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामदगी के बाद कार्रवाई करती मद्यनिषेध विभाग की टीम। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

HighLights

  1. सुपौल में 10,540 प्रतिबंधित इंजेक्शनों का भारी जखीरा बरामद।

  2. मद्यनिषेध विभाग की छापेमारी में दो आरोपी गिरफ्तार।

  3. बुप्रेनारफिन और फेनिरामिन मैलेट इंजेक्शन जब्त किए गए।

संवाददाता, सुपौल। बिहार में नशा मुक्ति अभियान के तहत प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। इसी कड़ी में सुपौल जिला मुख्यालय के गौरवगढ़ स्थित एक लॉज में मद्यनिषेध विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 10,540 प्रतिबंधित इंजेक्शन का भारी जखीरा बरामद किया है।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके के अवैध नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मौके से दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है। बरामद किए गए सभी इंजेक्शन दो-दो एमएल के हैं।

मद्यनिषेध निरीक्षक कुश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 04, गौरवगढ़ स्थित एक लॉज के कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वहां से नशीले और प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप हाथ लगी।

बरामद प्रतिबंधित इंजेक्शनों का विवरण

छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से निम्नलिखित प्रतिबंधित दवाएं और इंजेक्शन बरामद किए:

  • बुप्रेनारफिन इंजेक्शन (अलग-अलग बैच): 4,500 और 2,000 संख्या (कुल 6,500 पीस)

  • फेनिरामिन मैलेट इंजेक्शन: 4,040 संख्या

इन सभी प्रतिबंधित इंजेक्शनों को जब्त करने के बाद विभाग ने संबंधित कमरे को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और आगे की कार्रवाई

इस अवैध धंधे में संलिप्त पाए गए दोनों गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कर ली गई है:

  • शशि शेखर कुमार: निवासी— बलुआ पुनर्वास, वार्ड नंबर 01, जिला मुख्यालय सुपौल।

  • रविशंकर कुमार: निवासी— औराही, वार्ड नंबर 12, घैलाढ़ थाना क्षेत्र, जिला मधेपुरा।

मद्यनिषेध विभाग गिरफ्तार दोनों तस्करों से पूछताछ कर रहा है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन लोगों को आपूर्ति किया जाना था। विभाग द्वारा इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह भी पढ़ें- सुपौल में पानी के बीच छिपी है मखाने से कमाई की राह, फिर भी सैकड़ों एकड़ जमीन बेकार, आखिर कब जागेगा विभाग

यह भी पढ़ें- सुपौल में बदलेगा सरकारी दफ्तरों का चेहरा... 26 करोड़ से बनेगा G+5 भवन, एक ही परिसर में मिलेंगी कई विभागों की सुविधाएं