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बिहार में महंगाई का बड़ा झटका, महज 4 दिनों में सरसों तेल 25 महंगा,180 से 205 पहुंचा भाव; बिगड़ा रसोई का बजट

Published: Sat, 24 Oct 2026 06:46 PM (IST)

मधेपुरा के पुरैनी में महज चार दिनों में सरसों तेल की कीमत में 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई ...और पढ़ें

(AI generated image)

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HighLights

  1. पुरैनी में सरसों तेल की कीमत में 25 रुपये की वृद्धि।

  2. चार दिनों में 180 से 205 रुपये प्रति लीटर हुआ भाव।

  3. आम लोगों और गृहिणियों का रसोई बजट बुरी तरह प्रभावित।

संवाद सूत्र, पुरैनी (मधेपुरा)। चीनी और प्याज जैसी मूलभूत खाद्य सामग्रियों की आसमान छूती कीमतों से पहले से जूझ रहे आम लोगों को अब सरसों तेल के बढ़े दामों ने एक और करारा झटका दिया है।

मधेपुरा जिले के पुरैनी प्रखंड अंतर्गत खुदरा बाजारों में महज चार-पांच दिनों के भीतर सरसों तेल की कीमतों में 25 रुपये प्रति लीटर तक की अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अचानक आई तेजी से आम उपभोक्ताओं और गृहणियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

स्थानीय बाजार के आंकड़ों के अनुसार, कुछ दिन पहले तक जो सरसों तेल 180 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा था, उसकी कीमत अब सीधे उछलकर 205 रुपये प्रति लीटर तक पहुँच गई है।

कीमतों में इस अचानक और तेज वृद्धि का सीधा मार आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। खासकर मध्यम और निम्न-आय वर्ग के परिवारों के लिए दैनिक जरूरतों का सामान जुटाना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है।

गृहिणियों की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ा

खाद्य तेलों में आई इस तेजी का सबसे गहरा असर घरेलू रसोई के बजट पर देखने को मिल रहा है। भारतीय भोजन में रोजमर्रा के पकाने में इस्तेमाल होने वाले सरसों तेल की कीमत बढ़ने से प्रतिमाह का घरेलू खर्च काफी बढ़ गया है।

स्थानीय गृहिणियों का कहना है कि त्योहारों के इस मौसम में पहले से ही चीनी और प्याज की कीमतों ने परेशान कर रखा था, और अब सरसों तेल के दाम बढ़ने से मासिक खर्च को संतुलित करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।

सरकार से हस्तक्षेप और मूल्य स्थिरता की मांग

पुरैनी क्षेत्र के आम लोगों और दुकानदारों का कहना है कि खाद्य तेलों की जमाखोरी और आपूर्ति श्रृंखला में आई समस्याओं के कारण दामों में यह उछाल दिख रहा है।

स्थानीय लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार से बाजार में हस्तक्षेप कर खाद्य तेलों की कीमतों में जल्द से जल्द स्थिरता लाने की जोरदार मांग की है, ताकि गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारों को इस चौतरफा महंगाई से तत्काल राहत मिल सके।

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