मधेपुरा में चुनावी नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, बूथ के पास RJD-BJP नेताओं के कार्यालय पर FIR, बैनर-पोस्टर जब्त
मधेपुरा में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की ...और पढ़ें

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HighLights
मधेपुरा में चुनावी आचार संहिता उल्लंघन पर प्रशासन सख्त।
भाजपा-राजद नेताओं पर अवैध बूथ कार्यालय चलाने का आरोप।
मतदान केंद्र के पास प्रचार सामग्री जब्त, FIR दर्ज।
जागरण संवाददाता, मधेपुरा। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के दौरान मधेपुरा जिले में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) के अनुपालन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
मतदान के दिन बिना वैध अनुमति के मतदान केंद्र के बिल्कुल करीब चुनावी कार्यालय संचालित करने और समर्थकों द्वारा प्रत्याशी का प्रचार करने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दो-दो प्रमुख नेताओं व समर्थकों के खिलाफ सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
यह पूरी कार्रवाई मतदान केंद्र संख्या-24 पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह सिंहेश्वर के अंचलाधिकारी (CO) नवीन कुमार सिंह की लिखित शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
बिना अनुज्ञप्ति टेंट-पंडाल लगाकर चल रहे थे पोलिंग बूथ ऑफिस
प्राथमिकी के अनुसार, मतदान की प्रक्रिया के दौरान केंद्र संख्या-24 के समीप भाजपा और राजद समर्थक बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के टेंट-पंडाल लगाकर बूथ कार्यालय चला रहे थे।
जांच में पाया गया कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार डॉ. एनके यादव के समर्थक संतोष कुमार, कंचन कुमार व अन्य तथा राजद समर्थित उम्मीदवार नितेश कुमार के समर्थक व राजद के निवर्तमान जिलाध्यक्ष जयकांत यादव, राजद नेता आलोक मुन्ना व अन्य अपने-अपने बैनर-पोस्टर लगाकर प्रचार में जुटे थे।
मौके पर टेबल-कुर्सियां लगाई गई थीं और प्रत्याशियों की तस्वीरों वाले पोस्टर के जरिए मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया जा रहा था। दंडाधिकारी द्वारा अनुमति पत्र मांगने पर कोई भी पक्ष कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत वीडियोग्राफी कराते हुए सभी प्रचार सामग्री को जब्त कर लिया और अवैध कार्यालयों को बंद करा दिया।
आचार संहिता उल्लंघन पर सदर थाने में केस दर्ज
दंडाधिकारी नवीन कुमार सिंह ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्र के समीप बिना अनुमति के कार्यालय खोलना और पोस्टर-बैनर से प्रचार करना पूरी तरह से चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों और आचार संहिता का उल्लंघन है।
मामले की जानकारी देते हुए सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार ने बताया कि प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी के आवेदन के आधार पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले अन्य अज्ञात लोगों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
"निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। दंडाधिकारी के आवेदन के आधार पर संबंधित दलों के नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।"
