Bihar Bhumi: बिहार में जमीन की माप कराना हुआ महंगा, सरकार ने जारी की नई रेट लिस्ट
बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन मापी शुल्क बढ़ा दिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा 1000 ...और पढ़ें
-1781129622202_m.webp)
एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा 1000 रुपये मापी शुल्क।
शहरी क्षेत्रों में प्रति खेसरा 2000 रुपये मापी शुल्क निर्धारित।
तत्काल मापी के लिए दोगुनी दरें, पारदर्शिता हेतु शुल्क वृद्धि।
संवाद सूत्र, कुमारखंड (मधेपुरा)। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने रैयती जमीन की मापी शुल्क में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। विभाग द्वारा मापी शुल्क की नई दरें निर्धारित की गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में रैयती भूमि की मापी के लिए प्रति खेसरा 1000 रुपये शुल्क देना होगा।
हालांकि, एक आवेदन पर अधिकतम 4000 रुपये तक ही शुल्क लिया जाएगा। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में स्थित जमीन की मापी के लिए प्रति खेसरा 2000 रुपये तथा अधिकतम 8000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
सरकार ने तत्काल मापी की सुविधा के लिए भी अलग शुल्क तय किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल मापी कराने के लिए प्रति खेसरा 2000 रुपये तथा अधिकतम 8000 रुपये शुल्क देना होगा। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसरा 4000 रुपये एवं अधिकतम 16000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
विभाग के अनुसार वर्तमान में बिहार काश्तकारी नियमावली, 1885 के नियम-23 के तहत ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने पर अंचल कार्यालयों द्वारा सशुल्क भूमि मापी की जाती है।
लंबे समय से मापी शुल्क में कोई संशोधन नहीं हुआ था, जबकि बढ़ती प्रशासनिक एवं तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए शुल्क वृद्धि आवश्यक समझी गई।
पारदर्शी व समयबद्ध करने के लिए की गई है व्यवस्था : आरओ
इस संबंध में राजस्व अधिकारी वीरेन्द्र पुरोहित ने बताया कि नई शुल्क दरों का उद्देश्य मापी कार्य को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने भू-धारियों से अपील की कि वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए ऑनलाइन आवेदन करें।
नई दरों की घोषणा के बाद किसानों और भू-धारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि बढ़ी हुई शुल्क दरों से भूमि विवादों के निपटारे में तेजी आ सकती है, जबकि कुछ ने इसे आम रैयतों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता भू-धारियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
यह भी पढ़ें- Bihar Pension Scheme: खगड़िया के 1.49 लाख पेंशनधारियों के खाते में आए ₹17.46 करोड़, CM ने ऑनलाइन किया ट्रांसफर
यह भी पढ़ें- PM किसान योजना में फर्जीवाड़े पर एक्शन, किशनगंज में 2 हजार से अधिक अपात्रों के कटे नाम
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।