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PM किसान योजना में फर्जीवाड़े पर एक्शन, किशनगंज में 2 हजार से अधिक अपात्रों के कटे नाम

Published: Thu, 11 Jun 2026 03:07 AM (IST)

किशनगंज में पीएम किसान योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जहां सत्यापन के बाद 2,000 से अधिक अपात्र लाभार्थियों ...और पढ़ें

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HighLights

  1. किशनगंज में 2000 से अधिक अपात्र पीएम किसान लाभार्थी मिले।

  2. पति-पत्नी, नौकरीपेशा, पेंशनभोगी भी ले रहे थे योजना का लाभ।

  3. केंद्र सरकार के सत्यापन अभियान से हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा।

अमरेंद्र कांत, किशनगंज। किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना में नियमों के उल्लंघन कर लाभ लेने वाले लोगों का खुलासा होने लगा है।

केंद्र सरकार और कृषि मंत्रालय के निर्देश पर हुए विभिन्न स्तर पर सत्यापन के बाद जिले में दो हजार से अधिक अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है, जिनके नाम अब योजना की सूची से हटा दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, जांच में यह सामने आया कि दिघलबैंक प्रखंड के एक किसान पति-पत्नी अलग-अलग योजना का लाभ ले रहे थे। इसी तरह ठाकुरगंज्र व बहादुरगंज में नौकरीपेशा व आर्थिक रूप से संपन्न लोगों के अलावा सरकार से पेंशन पाने वाले भी इस योजना से राशि प्राप्त कर रहे थे।

जबकि योजना के नियमों के तहत, परिवार के एक ही सदस्य को इस योजना का लाभ दिया जा सकता है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा 10 हजार रुपये या उससे अधिक मासिक पेंशन प्राप्त करने वाले लोगों के भी योजना का लाभ लेने के मामले पकड़े गए हैं।

जिला कृषि पदाधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि किशनगंज जिले में पीएम-किसान योजना के लगभग 1.07 लाख लाभार्थी पंजीकृत थे। केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए सत्यापन अभियान के तहत लाभार्थियों के दस्तावेज, पात्रता और अन्य विवरणों की जांच की गई।

सरकार स्तर से ही इस प्रक्रिया में करीब दो हजार लाभार्थी संदिग्ध और अपात्र पाए गए, जिसके बाद उनके नाम लाभार्थी सूची से हटा दिया गया।

छंटनी का अभियान जारी 

विभागीय जानकारी के अनुसार, अपात्र लाभार्थियों की पहचान का अभियान सरकार स्तर पर अभी भी जारी है और भविष्य में भी पात्रता की नियमित जांच की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र किसानों तक ही पहुंचे।

जानकारों का मानना है कि देशभर में चल रहे ई-केवाइसी, भूमि सत्यापन, इनकम टैक्स, आधार कार्ड से बैंक खाता व पेन कार्ड का लिंक रहने के बाद जांच में पीएम-किसान योजना में ऐसे लोग पकड़ा रहे हैं।

बताया कि जिस तरह राशन कार्ड का सत्यापन कर संदिग्ध की पहचान हो रही है। उसी तरह अब सरकार की सभी योजना जो वास्तविक लाभुक के लिए है उसकी जांच से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिशें अब जमीन पर असर दिखाने लगी हैं।

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