कलम छोड़ थामी खाकी : अन्नू प्रिया बनना चाहती थीं 'टीचर मैडम', लेकिन बन गईं 'दारोगा मैडम', सामाजिक बंदिशों को दी मात
Madhepura Annu Priya Bihar Police SI Success Story: मधेपुरा की अन्नू प्रिया ने अपने पहले ही प्रयास में बिहार पुलिस ...और पढ़ें

Madhepura Annu Priya Bihar Police SI Success Story: शिक्षिका बनने का सपना देख रहीं बेटी ने पहले प्रयास में ऐसे क्रैक की दारोगा परीक्षा
HighLights
अन्नू प्रिया ने पहले प्रयास में बिहार पुलिस SI परीक्षा उत्तीर्ण की।
मधेपुरा की बेटी अन्नू अब भागलपुर में सब इंस्पेक्टर हैं।
शिक्षक बनने का सपना छोड़ पुलिस सेवा में जनसेवा कर रही हैं।
संवाद सूत्र, बिहारीगंज (मधेपुरा)। Madhepura Annu Priya Bihar Police SI Success Story: यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति सच्चा समर्पण हो, तो पहले ही प्रयास में बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। इसकी जीवंत मिसाल मधेपुरा जिले के बिहारीगंज की होनहार बेटी अन्नू प्रिया ने पेश की है।
अन्नू ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित दारोगा भर्ती परीक्षा (2023) में अपने पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर पुलिस अवर निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) का पद प्राप्त किया है। साधारण परिवार से निकलकर खाकी वर्दी तक का यह सफर आज क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
शिक्षक पिता का संबल और बिहारीगंज से पूर्णिया तक की पढ़ाई
अन्नू प्रिया तीन बहनों में दूसरे स्थान पर हैं। उनके पिता सुरेश नायक पूर्णिया के एक निजी विद्यालय में शिक्षक हैं, जबकि माता वंदना देवी एक कुशल गृहिणी हैं। घर में शिक्षा का माहौल होने के कारण अन्नू का रुझान शुरू से ही पढ़ाई-लिखाई की ओर रहा।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिहारीगंज से पूरी की। इसके उपरांत उन्होंने कटिहार के ऐतिहासिक मारवाड़ी पाठशाला से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। आगे की उच्च शिक्षा के लिए वे पूर्णिया पहुंचीं, जहां आरकेके कॉलेज से उन्होंने विज्ञान संकाय में इंटरमीडिएट और स्नातक की डिग्री पूरी की।
शिक्षिका बनने का था सपना, खाकी पहन बनीं जनसेवा की मिसाल
परिवार के शैक्षणिक परिवेश को देखते हुए अन्नू का शुरुआती सपना अपने पिता की तरह शिक्षक बनकर समाज को शिक्षित करने का था। इसी बीच जब बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग का विज्ञापन आया, तो उन्होंने अपनी तैयारी की दिशा बदली और पूरी एकाग्रता के साथ प्रतियोगी परीक्षा में जुट गईं।
दिन-रात के कठिन परिश्रम का सुखद परिणाम यह रहा कि पहले ही प्रयास में उनका अंतिम चयन दारोगा पद के लिए हो गया। वर्दी पहनने के बाद वर्तमान में वे भागलपुर जिले में सब इंस्पेक्टर (एसआई) के रूप में विधि-व्यवस्था और जनसुरक्षा की जिम्मेदारी निष्ठापूर्वक संभाल रही हैं।
गरीबों को न्याय दिलाना पहली प्राथमिकता
सब इंस्पेक्टर अन्नू प्रिया का कहना है कि पुलिस सेवा में रहकर सीधे तौर पर समाज के सबसे निचले और वंचित वर्ग की मदद करने का अवसर मिलता है। थाने आने वाले असहाय और गरीब फरियादियों को निष्पक्ष न्याय दिलाना ही उनकी पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि बेटियों को किसी भी सामाजिक रूढ़िवादिता या बंदिशों के आगे झुकना नहीं चाहिए, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। उनकी यह उपलब्धि महिला सशक्तीकरण की एक सशक्त मिसाल है।
यह भी पढ़ें- बांका मिलिट्री ग्राउंड में भाई संग बहाया पसीना, एक साथ दारोगा बनीं दो बहनें; प्रियंका कटिहार तो पूजा लखीसराय में SI
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।