लखीसराय में बौद्ध स्थल के पास खुदाई कर रहा था युवक, जमीन से निकला 3 फीट लंबा शिवलिंग; हजारों साल पुराना
लखीसराय की लाली पहाड़ी के पास मिट्टी की खुदाई के दौरान नौवीं-दसवीं शताब्दी का एक दुर्लभ अष्टकोणीय शिवलिंग मिला है।

शिवलिंग के साथ प्रशासन की टीम। फोटो जागरण
HighLights
लाली पहाड़ी के पास मिला नौवीं-दसवीं शताब्दी का शिवलिंग।
तीन फीट लंबा, काले पत्थर से निर्मित अष्टकोणीय शिवलिंग।
पुलिस ने शिवलिंग को लखीसराय संग्रहालय में सुरक्षित रखवाया।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले ऐतिहासिक बौद्ध स्थल लाली पहाड़ी के समीप मिट्टी की खोदाई के दौरान नौवीं-दसवीं शताब्दी का एक दुर्लभ अष्टकोणीय शिवलिंग मिला है।
काले पत्थर से निर्मित करीब तीन फीट लंबे इस प्राचीन शिवलिंग को पुलिस के सहयोग से लखीसराय संग्रहालय में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
बौद्ध पुरातात्विक विरासत के केंद्र रहे इस इलाके में पालकालीन हिंदू स्थापत्य कला का यह अवशेष मिलना ऐतिहासिक व पुरातात्विक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
घर के पास मिट्टी खोदते वक्त मिला शिवलिंग
शहर के वार्ड संख्या 33 स्थित राजकीय स्मारक लाली पहाड़ी से सटे जयनगर पूर्वी मुसहरी टोला में कारू मांझी का पुत्र घर के पास मिट्टी खोद रहा था।
इसी दौरान जमीन के नीचे काले पत्थर की आकृति दिखाई दी। आगे खोदाई करने पर लगभग तीन फीट लंबा और 2.7 फीट व्यास का अष्टकोणीय शिवलिंग निकला।
संग्रहालय पहुंचाया गया
इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण इसे किऊल नदी तट पर पीपल पेड़ के नीचे स्थापित करने की तैयारी करने लगे।
रात में नदी किनारे ले जाने की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद माया कुमारी के प्रतिनिधि बबलू कुमार ने कबैया थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शिवलिंग को कब्जे में लेकर लखीसराय संग्रहालय पहुंचाया।
संग्रहालय अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार ने पुरातात्विक परीक्षण के बाद बताया कि यह शिवलिंग नौवीं से दसवीं सदी (पाल काल) का है।
सनातन संस्कृति के समन्वय का अध्ययन करने के लिए यह खोज बेहद अहम है। इस दौरान संग्रहालय के तकनीकी सहायक राजेश कुमार और रवि राज भी मौजूद रहे।
