लखीसराय जिले के हजारों शिक्षकों की सैलरी अटकी, डबल पेमेंट की जांच से मचा हड़कंप
लखीसराय में 5,968 शिक्षकों का अक्टूबर का वेतन रुका हुआ है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान में गड़बड़ी और कथित दोहरे भुगतान की जांच तेज कर दी है।

लखीसराय जिले के हजारों शिक्षकों की सैलरी अटकी, डबल पेमेंट की जांच से मचा हड़कंप
HighLights
लखीसराय में 5,968 शिक्षकों का वेतन भुगतान रुका।
वेतन गड़बड़ी और दोहरे भुगतान की जांच तेज हुई।
पारदर्शिता हेतु नियुक्ति व वेतन रिकॉर्ड का मिलान।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। शिक्षकों के वेतन भुगतान में गड़बड़ी और कथित फर्जीवाड़े के मामले सामने आने के बाद लखीसराय में भी शिक्षा विभाग के कर्मियों के वेतन और भत्तों की जांच तेज कर दी गई है। जिले के 5,968 शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगी हुई है।
दुर्गा पूजा के दौरान अक्टूबर का वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। विभाग अब नियुक्ति और नियोजन के दस्तावेज से लेकर वेतन निकासी तक के रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है।
प्रखंड स्तर पर शिविर लगाकर शिक्षकों से वेतन, भत्ते और सेवा से जुड़े दस्तावेज लिए जा चुके हैं। स्थापना शाखा में इनके सत्यापन का काम अंतिम चरण में बताया जा रहा है।
वित्त विभाग के निर्देश पर की जा रही इस जांच का उद्देश्य वेतन भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और किसी भी तरह की अनियमितता की पहचान करना है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी को जांच के बाद संबंधित विवरण राज्य मुख्यालय भेजना है। विभागीय निर्देश के अनुसार, अगले महीने के वेतन भुगतान से पहले प्रत्येक शिक्षक के वेतन और भत्तों से जुड़े आंकड़ों का सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
दोहरे वेतन भुगतान की चर्चा से बढ़ी जांच की गंभीरता
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जुलाई 2025 में जिले में विशिष्ट शिक्षक से विद्यालय अध्यापक बने 300 से अधिक शिक्षकों में से कुछ के दो पदों के वेतन भुगतान का मामला सामने आया था।
सूत्रों के अनुसार, जांच शुरू होने के बाद गलत तरीके से ली गई राशि लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू हुई। हालांकि, इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है, इसलिए दोहरे भुगतान के मामले में कितने शिक्षक शामिल थे और कितनी राशि की निकासी हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ऑनलाइन वेतन प्रणाली के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
जिले में शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन विपत्र एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन तैयार किए जाते हैं। मेकर, चेकर और अप्रूवर स्तर पर सत्यापन एवं अनुमोदन के बाद सीएफएमएस के जरिए भुगतान होता है।
जांच में नियुक्ति, नियोजन, वेतन निर्धारण, भत्तों और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। अनियमितता मिलने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम ने बताया कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए विभागीय निर्देश पर सभी शिक्षकों के वेतन और भत्तों की जांच कराई जा रही है।
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