लखीसराय में भी शिक्षकों को डबल सैलरी, AG रिपोर्ट के बाद DM ने दिये जांच के आदेश
लखीसराय में शिक्षकों को दो बार वेतन भुगतान का मामला सामने आया है, जिसके बाद जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं।

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
लखीसराय में शिक्षकों को दो बार वेतन भुगतान का मामला उजागर।
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने मामले की गंभीरता से जांच के आदेश दिए।
मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली से भुगतान में गड़बड़ी की आशंका।
मनोज कुमार सिंह, लखीसराय। पटना, भागलपुर सहित अन्य जिलों में वेतन भुगतान में गड़बड़ी के मामले सामने आने के बाद अब लखीसराय में भी शिक्षकों को दो बार वेतन भुगतान किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
जिले के विभिन्न प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के विशिष्ट शिक्षकों, विद्यालय प्रधानों और नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान में गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) के माध्यम से वर्ष 2024 और 2025 में कुछ शिक्षकों को दोहरा वेतन भुगतान किया गया।
इस मामले में महालेखाकार (एजी), पटना की जांच के बाद सवाल उठे हैं। हालांकि, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम ने जिले में शिक्षकों को दोहरा वेतन भुगतान किए जाने की बात से इनका किया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने स्वयं बैठक कर इसकी जांच का आदेश दिया है। एजी, पटना की ओर से इस संबंध में आदेश आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच भी हलचल मची हुई है।
मामला सामने आने के बाद भुगतान की प्रक्रिया, संबंधित अभिलेखों और शिक्षकों के वेतन विवरण की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कई शिक्षकों के नाम चर्चा में, राशि लौटाने का दावा
एजी रिपोर्ट में दोहरे वेतन भुगतान के मामले में रूपेश कुमार, विजय पासवान, शीला कुमारी, वरुण कुमार, कविता कुमारी, अनीता कुमारी, राजेश कुमार, अरविंद कुमार, अजय कुमार, सौरभ कुमार, आशा कुमारी, रुक्मिणी कुमारी और अर्चना कुमारी सहित कई अन्य शिक्षकों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है।
हालांकि, इन शिक्षकों के भुगतान संबंधी अभिलेखों और दोहरे भुगतान की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार, मामला सामने आने के बाद कुछ शिक्षकों ने कथित तौर पर दोहरे भुगतान के रूप में मिली राशि विभाग में जमा करा दी है।
वहीं, शिक्षक राजेश कुमार, विजय पासवान और शीला कुमारी ने बताया कि उन्होंने अभी तक कथित अतिरिक्त राशि जमा नहीं की है। शीघ्र ही इसे जमा कर देंगे।
ऐसे में जांच के दौरान यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि किन शिक्षकों को वास्तव में दोहरा भुगतान हुआ, कितनी राशि का भुगतान किया गया और कितनी राशि वापस की गई है।
डीईओ ने नकारा दोहरा भुगतान, जांच के दायरे में दस्तावेज
जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम ने जिले में शिक्षकों को दोहरा वेतन भुगतान किए जाने के मामले को खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि जिले में किसी शिक्षक को दोहरा वेतन भुगतान नहीं हुआ है। यदि किसी मामले में फर्जी तरीके से भुगतान किया गया होगा, तो संबंधित राशि की वसूली की जाएगी।
डीईओ के अनुसार, जिले के शिक्षकों के नियोजन पत्र, योगदान एवं पदस्थापन से संबंधित अभिलेख, शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र, प्राण कार्ड तथा पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की जांच 17 से 21 अक्टूबर 2026 तक की गई है।
अब जिलाधिकारी के निर्देश पर होने वाली जांच में दोहरे भुगतान के आरोपों की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है।
जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि वेतन भुगतान प्रणाली में किसी तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटि के कारण राशि दो बार जारी हुई या इसमें किसी स्तर पर अनियमितता बरती गई।
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