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लखीसराय में जीविका दीदियों को मिलेगा अपना बाजार, ग्रामीण हाट में लगेंगी 350 दुकानें

Published: Fri, 23 Oct 2026 04:20 PM (IST)

ग्रामीण महिलाओं को अब अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार की तलाश नहीं करनी पड़ेगी। लखीसराय जिले में मनरेगा ...और पढ़ें

गांवों में लगेंगी 350 दुकानें, जीविका दीदियों को मिलेगा अपना बाजार

गांवों में लगेंगी 350 दुकानें, जीविका दीदियों को मिलेगा अपना बाजार

HighLights

  1. मनरेगा से लखीसराय में बनेंगे ग्रामीण हाट, महिलाओं को मिलेगा बाजार।

  2. जीविका दीदियों को मिलेंगी 350 दुकानें, स्थानीय उत्पादों की बिक्री।

  3. हाट में शौचालय, स्नानघर, जैविक कचरे से खाद बनेगी।

संवाद सहयोगी, लखीसराय। ग्रामीण महिलाओं को अब अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार की तलाश नहीं करनी पड़ेगी। जिले में मनरेगा के तहत ग्रामीण हाट विकसित करने की योजना बनाई गई है।

इसके तहत प्रत्येक प्रखंड में कम-से-कम एक ग्रामीण हाट का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक हाट में 50 दुकानों के लिए चबूतरे और बिक्री स्थल बनाए जाएंगे।

सात प्रखंडों में योजना पूरी होने पर 350 दुकानों के जरिए ग्रामीण बाजार को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इन दुकानों का आवंटन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जीविका दीदियों को किया जाएगा।

योजना का उद्देश्य जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्थानीय स्तर पर कारोबार का अवसर उपलब्ध कराना है। इससे उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए स्थायी जगह मिलेगी।

साथ ही ग्रामीणों को किराना, सब्जी, फल और घरेलू उपयोग की जरूरी वस्तुएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी। बाजार के लिए दूर जाने की जरूरत कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

पांच प्रखंडों में जमीन चिह्नित, दो में तलाश जारी

जिले के पांच प्रखंडों में ग्रामीण हाट निर्माण के लिए स्थल का चयन कर लिया गया है।

चानन प्रखंड के जानकीडीह, सूर्यगढ़ा प्रखंड की बुधौली बनकर पंचायत के सिमरातरी, रामगढ़ चौक प्रखंड के नोनगढ़, बड़हिया प्रखंड के गंगासराय और पिपरिया प्रखंड के रामचंद्रपुर में हाट बनाया जाएगा। वहीं, लखीसराय और हलसी प्रखंड में स्थल चयन की प्रक्रिया अभी जारी है।

जिला प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक ग्रामीण हाट के निर्माण पर 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

दुकानों के लिए बनाए जाने वाले प्लेटफॉर्म पर क्रम संख्या के साथ संबंधित दुकान में बिकने वाली सामग्री का नाम भी अंकित रहेगा। इससे बाजार में दुकानों की पहचान आसान होगी और ग्राहकों को जरूरी सामान खरीदने में सुविधा मिलेगी।

शौचालय, स्नानघर के साथ जैविक कचरे से बनेगी खाद

ग्रामीण हाट में केवल दुकानें ही नहीं, बल्कि ग्राहकों और दुकानदारों की सुविधा के लिए बुनियादी इंतजाम भी किए जाएंगे। परिसर में शौचालय और स्नानघर का निर्माण कराया जाएगा।

बाजार से निकलने वाले जैविक कचरे के प्रबंधन के लिए नाडेप टैंक बनाया जाएगा, जिसमें जैविक कचरे से खाद तैयार की जा सकेगी। इससे बाजार की साफ-सफाई बनाए रखने के साथ कचरे के उपयोग की भी व्यवस्था होगी।

उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि चयनित स्थलों पर शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। शेष प्रखंडों में भी भूमि चयन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, ताकि ग्रामीण हाट योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।

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