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मुजफ्फरपुर में जीविका दीदियों का कमाल, 2.5 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति

Published: Sun, 18 Oct 2026 05:55 AM (IST)

Jivika Women Empowerment Bihar: मुजफ्फरपुर की जीविका दीदियां अपनी मेहनत और हुनर से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ...और पढ़ें

स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं।

स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं।

HighLights

  1. 2.55 लाख से अधिक महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी'।

  2. पशुपालन, कृषि, सिलाई जैसे कार्यों से बढ़ी आय।

  3. कुढ़नी प्रखंड लखपति दीदी बनाने में सबसे आगे।

अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Lakhpati Didi: अपनी कड़ी मेहनत और हुनर के दम पर मुजफ्फरपुर जिले की जीविका दीदियां आर्थिक तरक्की की नई इबारत लिख रही हैं।

स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। जिले में अब तक 2,55,235 महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, जिनकी सालाना आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई है।

पशुपालन से लेकर दुकानदारी तक

जीविका से जुड़ी ये महिलाएं पशुपालन, आधुनिक कृषि, सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान और 'दीदी की रसोई' जैसे विभिन्न रोजगारों के माध्यम से अपनी आमदनी लगातार बढ़ा रही हैं।

muzaffarpur lakhpati didi jivika women success story bihar (1)

जीविका के मीडिया प्रबंधक राजीव कुमार व जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनिशा ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का शानदार अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी पारिवारिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कुढ़नी प्रखंड रहा पहले स्थान पर

लखपति दीदी बनने के मामले में कुढ़नी प्रखंड पूरे जिले में पहले स्थान पर है, जहां 24,440 महिलाओं ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

Dhanbad

इसके बाद दूसरे स्थान पर मोतीपुर प्रखंड है, जहां 22,130 महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। इसी तरह मीनापुर में 21,251, सकरा में 18,916, औराई में 18,548, पारू में 18,392 और सरैया में 18,268 महिलाओं ने यह मुकाम हासिल किया है।

इसके अलावा मुशहरी में 17,803, गायघाट में 16,419, बोचहां में 15,285 और कटरा में 15,028 महिलाओं की सालाना आय एक लाख से अधिक हुई है।

वहीं कांटी में 13,756, साहेबगंज में 12,156, मड़वन में 8,992, बंदरा में 8,245 और धौली मोरौल में 5,606 महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हैं।

खेती और अन्य क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी

जिले में खेती और अन्य रोजगार अपनाने वाली महिलाओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है:

  • खेती करने वाली महिलाएं: वर्ष 2023 में इनकी संख्या 1,54,237 थी, जो बढ़कर वर्ष 2026 में 3,02,546 हो गई है।
  • बकरी पालन: इसके माध्यम से कुल 59,754 महिलाएं जुड़ी हैं।
  • उद्यम करने वाली महिलाएं: विभिन्न छोटे-बड़े उद्यमों से कुल 6,640 महिलाएं जुड़ी हैं।
  • बैग क्लस्टर: इसके जरिए लगभग 1,200 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है।

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