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एशियन चैंपियनशिप के बाद अब वर्ल्ड कप में जलवा; अजरबैजान में विश्व ग्रैपलिंग चैंपियनशिप के रेफरी बने बिहार के सुबोध

Published: Tue, 03 Nov 2026 02:31 PM (IST)

Subodh Kumar Yadav World Grappling Championship 2026: लखीसराय के सुबोध कुमार यादव को 2026 विश्व ग्रैपलिंग चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय रेफरी ...और पढ़ें

Subodh Kumar Yadav World Grappling Championship 2026: ब‍िहार के लखीसराय का सुबोध कुमार यादव।

Subodh Kumar Yadav World Grappling Championship 2026: ब‍िहार के लखीसराय का सुबोध कुमार यादव।

HighLights

  1. सुबोध यादव 2026 विश्व ग्रैपलिंग चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय रेफरी नियुक्त।

  2. लखीसराय के निवासी ने बिहार और देश का मान बढ़ाया।

  3. पहले एशियन चैंपियनशिप में भी सफलतापूर्वक निभाई थी रेफरी की भूमिका।

जागरण संवाददाता, लखीसराय। Subodh Kumar Yadav World Grappling Championship 2026: खेल के मैदान में खिलाड़ी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से तिरंगे की शान बढ़ाते हैं, लेकिन किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में निष्पक्ष निर्णय (रेफरिंग) की जिम्मेदारी मिलना अपने आप में एक विशिष्ट और दुर्लभ उपलब्धि है।

लखीसराय जिले के बिक्कम गांव निवासी सुबोध कुमार यादव ने इसी उपलब्धि के साथ जिले और पूरे बिहार को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। उन्हें आगामी विश्व ग्रैपलिंग चैंपियनशिप 2026 में अंतरराष्ट्रीय रेफरी की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अजरबैजान की राजधानी बाकू में आगामी 22 से 25 नवंबर तक आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित विश्व प्रतियोगिता में सुबोध दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ियों के मुकाबलों में निष्पक्ष निर्णायक की भूमिका में नजर आएंगे। एक साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर विश्वस्तरीय खेल आयोजन तक का उनका यह सफर जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

एशियन चैंपियनशिप के बाद अब विश्व मंच पर बढ़ा कद

सुबोध कुमार यादव को अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में निरंतर बड़ी जिम्मेदारियां मिल रही हैं। इससे पूर्व वे वियतनाम में संपन्न हुई एशियन ग्रैपलिंग चैंपियनशिप में भी अंतरराष्ट्रीय रेफरी की भूमिका सफलतापूर्वक निभा चुके हैं। अब विश्व चैंपियनशिप जैसे सर्वोच्च मंच के लिए उनका चयन उनके अनुभव, तकनीकी ज्ञान और खेल के प्रति निष्ठा का सीधा प्रमाण है।

सुबोध वर्तमान में ग्रैपलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव होने के साथ-साथ ग्रैपलिंग एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव पद का दायित्व भी बखूबी निभा रहे हैं। वे राज्य में जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तलाशने, उन्हें राष्ट्रीय मंच दिलाने और संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने में निरंतर सक्रिय रहे हैं। उनका यह चयन दर्शाता है कि बिहार की खेल प्रतिभाएं अब केवल अखाड़े तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर खेल प्रबंधन और निर्णायक भूमिकाओं में भी अपनी धमक दर्ज करा रही हैं।

पिता के संस्कार और निरंतर अनुशासन से मिली सफलता

सुबोध अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय अपने पिता रामफल यादव के आशीर्वाद, मार्गदर्शन और पारिवारिक संस्कारों को देते हैं। पिता से मिले अनुशासन, ईमानदारी, कड़ी मेहनत और विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार न मानने की सीख ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने का हौसला दिया।

उनकी इस कामयाबी पर लखीसराय जिला ग्रैपलिंग संघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार भारती, स्काई विजन पब्लिक स्कूल के निदेशक बबलू शर्मा तथा रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव प्रोफेसर मनोरंजन कुमार सहित खेल, प्रशासनिक व सामाजिक क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उन्हें हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने विश्वास जताया कि सुबोध बाकू में पूरी निष्पक्षता, तकनीकी दक्षता और गरिमा के साथ अपने दायित्व का निर्वहन कर भारत और बिहार का मान बढ़ाएंगे।

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