जिनेवा के बाद अब दक्षिण अफ्रीका में चमकेंगी बिहार की रोशनी परवीन, 190 देशों के बीच करेंगी भारत का नेतृत्व
किशनगंज की रोशनी परवीन दक्षिण अफ्रीका में होने वाले प्रतिष्ठित वन यंग वर्ल्ड समिट-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

रोशनी परवीन। (फाइल फोटो)
HighLights
वन यंग वर्ल्ड समिट-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी रोशनी।
किशनगंज की रोशनी महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण में सक्रिय।
जिनेवा में अंतरराष्ट्रीय पहचान, सीमांचल की बेटियों की प्रेरणा।
सुभजीत शेखर, किशनगंज। सीमांचल की बेटी रोशनी परवीन ने अपनी प्रतिभा, संघर्ष और सामाजिक प्रतिबद्धता के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और उपलब्धि हासिल की है।
दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में 3 से 6 नवंबर तक आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित वन यंग वर्ल्ड समिट-2026 में वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनके चयन से किशनगंज सहित पूरे सीमांचल और बिहार में खुशी का माहौल है।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 190 से अधिक देशों के युवा नेतृत्वकर्ता शामिल होंगे। यहां महिला अधिकार, बाल संरक्षण, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और सामाजिक न्याय जैसे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। विभिन्न देशों के युवा अपने अनुभव साझा करेंगे और सामाजिक बदलाव के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विचार रखेंगे।
हिंसा पीड़ित महिलाओं की मदद को बनाया मिशन
रोशनी परवीन वर्तमान में किशनगंज स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन में सेंटर एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर कार्यरत हैं।
वह घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और अन्य प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता एवं न्याय दिलाने के लिए सक्रिय हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने सैकड़ों पीड़ित महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने और दर्जनों महिलाओं को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जिनेवा में भी मिल चुका है अंतरराष्ट्रीय पहचान
रोशनी की उपलब्धियों का सफर पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। वर्ष 2022 में उन्हें विमेन्स मेनिफेस्टो अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
नवंबर 2023 में स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित विश्व युवा सम्मेलन में भी उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। दी गई जानकारी के अनुसार, दुनिया भर से मिले करीब 34 हजार नामांकनों में चयनित युवा कार्यकर्ताओं में उनका नाम शामिल था। उन्हें यंग एक्टिविस्ट लॉरिएट के रूप में पहचान मिली।
बाल विवाह रोकने, लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी रोशनी लगातार काम कर रही हैं।
उनके प्रयासों से कई बाल विवाह रुकवाए गए और घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता मिली। इसके अलावा जागरूकता अभियानों के माध्यम से हजारों लोगों तक सामाजिक संदेश पहुंचाया गया।
सीमांचल की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
किशनगंज से निकलकर जिनेवा के अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने और अब दक्षिण अफ्रीका में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहीं रोशनी परवीन की उपलब्धि क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
उनका सफर बताता है कि सामाजिक बदलाव के प्रति प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयास से स्थानीय स्तर पर किया गया काम भी वैश्विक पहचान हासिल कर सकता है।
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