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बच्चे का जन्म होने पर 21 दिन के भीतर कराएं रजिस्ट्रेशन, वरना प्रमाण पत्र के लिए देनी होगी मोटी फीस  

Published: Sat, 17 Oct 2026 03:19 PM (IST)

जन्म और मृत्यु का पंजीकरण 21 दिनों के भीतर कराना अनिवार्य है, अन्यथा शुल्क और प्रक्रिया जटिल हो सकती है।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. जन्म-मृत्यु पंजीकरण 21 दिन में निःशुल्क कराएं।

  2. प्रमाणपत्र स्कूल, आधार, योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज।

  3. गलत जानकारी से प्रमाणपत्र बनवाना कानूनी अपराध है।

जागरण संवाददाता, किशनगंज। जन्म और मृत्यु का पंजीकरण समय पर कराना जरूरी है। जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर कोई शुल्क नहीं लगता है।

निर्धारित अवधि बीतने के बाद पंजीकरण की प्रक्रिया जटिल होने के साथ शुल्क भी देना पड़ सकता है। यह जानकारी शुक्रवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत इंटर हाई स्कूल, किशनगंज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने दी।

कार्यक्रम में जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के पुराने और नए प्रावधानों के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने कहा कि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज हैं।

इनका उपयोग जीवन के विभिन्न चरणों में कई जरूरी कार्यों के लिए किया जाता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जन्म और मृत्यु की घटनाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र बच्चे की जन्मतिथि और जन्मस्थान का प्रमाणिक दस्तावेज है। इसका उपयोग स्कूल में नामांकन, आधार कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किया जाता है।

वहीं, मृत्यु प्रमाणपत्र मृत्यु की तिथि और स्थान का प्रमाण होता है। इसका उपयोग उत्तराधिकार और पैतृक संपत्ति से जुड़े दावों, जीवन बीमा की राशि प्राप्त करने तथा बैंक खातों से संबंधित दावों के निपटारे में किया जाता है। मृत्यु के कारणों का पता लगाने और उनके निवारण की प्रक्रिया में भी यह दस्तावेज उपयोगी है।

जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि जन्म या मृत्यु की घटना का पंजीकरण उसी क्षेत्र की रजिस्ट्रीकरण इकाई में कराया जाना चाहिए, जहां घटना हुई हो।

घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। निर्धारित समय सीमा के बाद पंजीकरण कराने की प्रक्रिया में अतिरिक्त औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि जन्म या मृत्यु की घटना के तुरंत बाद पंजीकरण कराएं, ताकि भविष्य में प्रमाणपत्र बनवाने अथवा सरकारी योजनाओं और कानूनी दावों का लाभ लेने में परेशानी न हो।

प्रमाणपत्र में बदलाव कर दोबारा बनवाना अपराध

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जन्म या मृत्यु की वास्तविक तिथि और स्थान में गलत बदलाव कर दोबारा प्रमाणपत्र बनवाना अनुचित है और कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। लोगों को सही तथ्यों के आधार पर ही पंजीकरण कराने की सलाह दी गई।

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