भाई की डांट से घर छोड़ मुंबई पहुंचा किशनगंज का युवक, अब आतंकी कनेक्शन के आरोप में गिरफ्तार
किशनगंज के एक युवक मो. हसन अबू सरमद अख्तर को मुंबई एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव के आरोप में गिरफ्तार किया है।

किशनगंज के पौआखाली स्थित आरोपी का पैतृक घर।
HighLights
किशनगंज के युवक मो. हसन अबू सरमद अख्तर गिरफ्तार।
मुंबई एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव का आरोप लगाया।
मोबाइल से मसूद अजहर के ऑडियो, भड़काऊ पोस्ट मिले।
संसू, ठाकुरगंज (किशनगंज)। पढ़ाई को लेकर बड़े भाई की डांट से नाराज होकर वर्षों पहले घर छोड़कर मुंबई गए किशनगंज जिले के एक युवक का संदिग्ध आतंकी संगठनों से कनेक्शन सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
मुंबई आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने पौआखाली थाना क्षेत्र की भोलमारा ग्राम पंचायत के भयंकरद्वारी गांव निवासी 33 वर्षीय मो. हसन अबू सरमद अख्तर को प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' (Jaish-e-Mohammed) से जुड़ाव और देशविरोधी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया है।
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से स्थानीय स्तर पर और जिले भर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, आरोपी के परिजनों ने तमाम आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उसे एक गहरी साजिश के तहत फंसाए जाने का दावा किया है।
दिल्ली से मुंबई जाकर करने लगा इत्र का कारोबार और रैपिडो ड्राइविंग
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सरमद अख्तर पहले दिल्ली में अपने बड़े भाई के साथ रहता था। परिवार के मुताबिक, पढ़ाई को लेकर बड़े भाई की ओर से डांटे जाने से आहत होकर वह बिना बताए घर छोड़कर दिल्ली से मुंबई चला गया था।
मुंबई पहुँचकर उसने अपनी आजीविका चलाने के लिए पहले इत्र बेचने का काम शुरू किया और इसके साथ ही वह 'रैपिडो' (Rapido) चालक के रूप में भी गाड़ी चलाने लगा। मुंबई में उसके दो चचेरे भाई भी रहते हैं।
शुरुआती दिनों में परिवार से उसका संपर्क टूट गया था, लेकिन बाद में एक भाई ने उसका मोबाइल नंबर हासिल कर बातचीत शुरू की और उसकी माँ से भी बात कराई। परिवार के अनुसार, रमजान के दौरान उससे आखिरी बार बातचीत हुई थी और करीब दो साल पहले वह अपने पैतृक गांव भी आया था।
मोबाइल से मिले मसूद अजहर के ऑडियो और भड़काऊ पोस्ट
मुंबई एटीएस की शुरुआती जाँच में यह बात सामने आई है कि सरमद अख्तर के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जाँच के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर के ऑडियो क्लिप और कई आपत्तिजनक व भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट मिले हैं।
जांच एजेंसी अब उसके टेलीग्राम (Telegram) समूहों, विभिन्न इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स और पाकिस्तान स्थित खुफिया एजेंटों (ISI) से संभावित संपर्कों की बेहद बारीकी से पड़ताल कर रही है।
इस मामले की जाँच मुंबई एटीएस की कालाचौकी इकाई द्वारा की जा रही है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया है। शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
परिवार ने बताया बेबुनियाद, कहा—फंसाया जा रहा है
इधर, किशनगंज में रह रहे सरमद के परिजनों ने एटीएस के सभी दावों को सिरे से खारिज किया है। उसके भाई शबी अनवर और चचेरे भाई शबीह अनवर का कहना है कि सरमद का आतंकवाद या किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। परिवार का दावा है कि वह पूरी तरह अपने काम-धंधे में व्यस्त रहता था और उसे किसी साजिश के तहत इस मामले में घसीटा गया है।
