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30 साल से खेतों को पानी का इंतजार, किशनगंज में 23 सरकारी नलकूप बंद, बिजली कनेक्शन तक नहीं

Published: Sun, 25 Oct 2026 09:22 AM (IST)

किशनगंज के कोचाधामन में 30 साल पहले स्थापित 23 सरकारी नलकूप रखरखाव और बिजली कनेक्शन के अभाव में बेकार पड़े ...और पढ़ें

कोचाधामन प्रखंड में रखरखाव के अभाव में बंद पड़ा सरकारी नलकूप

कोचाधामन प्रखंड में रखरखाव के अभाव में बंद पड़ा सरकारी नलकूप

HighLights

  1. किशनगंज में 23 सरकारी नलकूप 30 साल से बंद पड़े।

  2. रखरखाव और बिजली कनेक्शन के अभाव में हुए बेकार।

  3. किसान महंगे विकल्पों पर निर्भर, त्वरित मरम्मत की मांग।

संवाद सूत्र, कोचाधामन (किशनगंज)। किसानों के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुँचाने और फसलों की सिंचाई के लिए बारिश पर उनकी निर्भरता कम करने के उद्देश्य से तीन दशक पूर्व लगाई गई सरकारी व्यवस्था अब पूरी तरह धड़ाम हो चुकी है।

किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड में लघु सिंचाई विभाग की ओर से 23 अलग-अलग स्थानों पर स्थापित किए गए अधिकांश सरकारी नलकूप (स्टेट बोरिंग) आज रखरखाव के अभाव में जंग खा रहे हैं और बेकार पड़े हैं।

सरकारी खजाने से लाखों रुपये खर्च कर तैयार की गई यह महत्त्वाकांक्षी सिंचाई व्यवस्था धरातल पर दम तोड़ रही है। कई नलकूपों का ढाँचा तो खड़ा कर दिया गया, लेकिन उन्हें आज तक विद्युत कनेक्शन से ही नहीं जोड़ा जा सका। नतीजतन, इसका लाभ मिलने के बजाय किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए महंगे वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

पंचायतों को दी गई थी जिम्मेदारी, फिर भी नहीं बदले हालात

क्षेत्र के स्थानीय किसानों ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार नलकूपों के सुचारू संचालन और नियमित रखरखाव का जिम्मा ग्राम पंचायतों को सौंपा गया था।

इसके बावजूद ज़मीनी स्तर पर कोई अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उचित देखभाल न होने से जहाँ कुछ नलकूप तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय से बंद हैं, वहीं कुछ स्थान ऐसे हैं जहाँ बिजली का तार और कनेक्शन न पहुँचने के कारण बोरिंग चालू ही नहीं हो सकी।

प्रखंड के इन 23 स्थानों पर लगाए गए थे नलकूप

लघु सिंचाई विभाग की सूची के अनुसार कोचाधामन प्रखंड के जिन 23 प्रमुख स्थलों पर नलकूप लगाए गए थे, उनमें शामिल हैं:

  • भवानीगंज, डेरामारी पुराना, महसनगांव, कोचाधामन पुराना, भगाल, अलता, हसन डुमरिया, शीतलनगर, शाहपुर, शाहनगरा, रानी, पीपला, धनसोना, मुहम्मदपुर खानका, चरघरिया, दोघरिया, रंगामनी, बस्ताकोला पुराना, बूढ़ीमारी पुराना, महियारपुर पुराना, मोहरमारी पुराना, गांगी गौरामनी पुराना और नेहालभाग-सोंथा।

किशनगंज के किसानों का स्पष्ट कहना है कि यदि इन सभी 23 नलकूपों की त्वरित मरम्मत कराकर बिजली कनेक्शन जोड़ दिया जाए और नियमित रखरखाव की पुख्ता व्यवस्था बने, तो प्रखंड के सैकड़ों एकड़ खेतों को सुलभ और सस्ती सिंचाई का लाभ मिल सकेगा।

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