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किशनगंज की भारती ठाकुर को मिली राष्ट्रीय पहचान, पर्यावरण और डिजिटल शिक्षा के जरिए बदल रहीं गांव की तस्वीर

Published: Thu, 15 Oct 2026 07:52 AM (IST)

किशनगंज की भारती ठाकुर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता से युवाओं व बेटियों के लिए प्रेरणा बनी हैं। वे ...और पढ़ें

समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय ठाकुरगंज की युवा फेलो भारती ठाकुर।

समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय ठाकुरगंज की युवा फेलो भारती ठाकुर।

HighLights

  1. नदी मित्र अभियान से युवाओं को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

  2. 70 युवतियों को निःशुल्क कंप्यूटर कोडिंग प्रशिक्षण दिला रही हैं।

  3. सामाजिक सेवा और जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं।

संवाद सूत्र, ठाकुरगंज (किशनगंज)। ठाकुरगंज प्रखंड के भातगांव पंचायत अंतर्गत गलगलिया सहनी टोला निवासी भारती ठाकुर आज क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणास्रोत बनकर उभरी हैं।

भारती ठाकुर ने अपनी असाधारण सामाजिक प्रतिबद्धता, नेतृत्व क्षमता और सेवा भाव के बल पर यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच हो, तो ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी समाज में व्यापक और सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

नदी संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, डिजिटल शिक्षा और जनकल्याणकारी सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें ठाकुरगंज ही नहीं, बल्कि पूरे किशनगंज जिले में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।

नदी मित्र अभियान और पर्यावरण संरक्षण

भारती ठाकुर को नेशनल यूथ क्लाइमेट कंसोर्टियम (NYCC) के अंतर्गत पूरे बिहार से चयनित एकमात्र एनवाईसीसी फेलो के रूप में जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला है। इसके तहत वे वर्तमान में 'नदी मित्र अभियान' का नेतृत्व कर रही हैं।

उनके माध्यम से ग्रामीण युवाओं को नदी संरक्षण, जल बचाव, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में लगातार जागरूकता रैलियां, स्वच्छता कार्यक्रम और संवाद सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का उनका यह प्रयास सामाजिक नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती निर्णायक भूमिका को भी रेखांकित करता है।

डिजिटल शिक्षा और तकनीकी कौशल से आत्मनिर्भरता

भारती का मानना है कि महिलाओं और युवतियों को वास्तव में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी कौशल का होना भी अनिवार्य है। इसी दूरदर्शी सोच के साथ वे 'प्रोजेक्ट पोटेंशियल' संस्थान से जुड़कर 'स्कूल ऑफ प्रोग्रामिंग' कार्यक्रम के तहत ठाकुरगंज क्षेत्र की 70 जरूरतमंद युवतियों को 21 माह का आवासीय एवं निःशुल्क कंप्यूटर कोडिंग प्रशिक्षण दिलाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

इस अनूठी पहल से ग्रामीण अंचल की बेटियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जुड़ने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। कोडिंग और उन्नत कंप्यूटर कौशल सीखकर ये युवतियां भविष्य में रोजगार के नए अवसर पाकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकेंगी।

कम्युनिटी एक्शन और सामाजिक सेवा

सामाजिक बदलाव की दिशा में जमीनी स्तर पर काम करते हुए भारती ठाकुर 'कम्युनिटी एक्शन प्रोजेक्ट' के तहत विभिन्न गांवों का दौरा करती हैं और स्थानीय स्तर की समस्याओं को गहराई से समझती हैं।

इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए वे गांव के युवाओं को संगठित कर सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित करती हैं। उनका मुख्य प्रयास यह है कि ग्रामीण समुदाय अपनी समस्याओं की पहचान स्वयं करे और उनके समाधान में सक्रिय रूप से आगे आए।

इसके अलावा वे राज्य सरकार द्वारा संचालित अंबेडकर समग्र सेवा शिविर, आयुष्मान कार्ड निर्माण और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत नाइट ब्लड सर्वे जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर अपना योगदान दे रही हैं।

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