70 साल की रीना रानी कागजों में 'मृत', हकीकत में कोर्ट में जाकर दान किए 20 लाख रुपये; खगड़िया में फर्जीवाड़ा
खगड़िया में एक विधवा महिला को करोड़ों की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से 11 महीने पहले एडीएम न्यायालय में मृत घोषित कर दिया गया।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
खगड़िया में विधवा को मृत घोषित कर संपत्ति हड़पने का प्रयास।
एडीएम न्यायालय में 11 महीने पहले मृत घोषित किया गया।
महिला ने जमीन बेचकर धोखाधड़ी के खिलाफ कानूनी लड़ाई की तैयारी।
मुकेश, खगड़िया। खगड़िया में एक मसोमात (विधवा) की करोड़ों की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से 11 महीने पहले उन्हें जीवित रहते मृत घोषित कर दिया गया।
एडीएम खगड़िया के न्यायालय में महिला को मृत घोषित कर जमीन पर दावेदारी को लेकर केस भी दर्ज करा दिए गए। वहीं, अंचलाधिकारी खगड़िया के यहां एडीएम न्यायालय में दर्ज केस का हवाला देकर आपत्ति भी लगा दी।
दो दिन पहले ही अंचलाधिकारी खगड़िया द्वारा मामले की सुनवाई की गई है। हैरान कर देने वाली यह घटना जिला मुख्यालय से सटे बछौता गांव की है। मामला प्रकाश में आने के बाद से प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है।
एडीएम के न्यायालय में मृत घोषित कर दी गई वरीय अधिवक्ता स्व. परमानंद प्रसाद प्रभाकर की विधवा 70 वर्षीय रीना रानी प्रभाकर भी हैरान हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पति स्वर्ग सिधार गए। बेटा और बेटी की भी दर्दनाक मौत हो गई। पहले ही उनकी करोड़ों की संपत्ति हथियाने को लेकर उनकी हत्या तक का कुछ लोग प्रयास करते रहे और उनके जीवित रहते ही उन्हें मार दिया गया। बताया कि बजाप्ता नकल निकालकर संबंधित को इस कुकृत्य का सजा दिलाने के लिए वह कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
आठ अगस्त को महिला ने की जमीन की रजिस्ट्री
एडीएम के न्यायालय में 19 नवंबर 2025 को दायर वाद संख्या 67/25-26 में मृत घोषित कर दिए रीना रानी प्रभाकर ने आठ अगस्त 2026 को जिला अबर निबंधक खगड़िया के यहां उपस्थित होकर अपनी जमीन की बिक्री की।
उसी दिन अपने वकील पति की याद को जीवित रखने के उद्देश्य से अधिवक्ता संघ खगड़िया को पुस्तकालय निर्माण हेतु 20 लाख दान भी दिया। इसको लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में उस दिन समारोह भी आयोजित किया गया था।
रीना रानी प्रभाकर द्वारा रजिस्ट्री की गई जमीन की दाखिल खारिज को लेकर अंचलाधिकारी खगड़िया के यहां बाद लाया गया।
जिसमें एडीएम के न्यायालय में मृत घोषित रीना रानी प्रभाकर के कागजात देकर आपत्ति की गई। अंचलाधिकारी खगड़िया द्वारा दो दिन पहले मामले की सुनवाई भी की गई।
क्या है मामला
बछौता गांव के ही राजेंद्र प्रसाद जायसवाल व उनके पुत्र अमित कुमार द्वारा एडीएम के न्यायालय में दाखिल खारिज रिविजन केस नंबर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वेबसाइट पर ऑनलाइन केस नंबर 67/25-26, दिनांक 19 नवंबर 2025 को दायर किया गया।
जिसको लेकर अमित कुमार ने नोटरी पदाधिकारी व्यवहार न्यायालय खगड़िया के यहां पथ पत्र संख्या 747/25 के माध्यम से दिनांक 19 नवंबर 2025 को शपथ भी किया और उस शपथ पत्र को एडीएम के यहां वाद दायर करने में संलग्न भी किया गया।
दायर केस के क्रमांक-2 में दर्ज किया गया कि अपीलकर्ता रीना रानी प्रभाकर का निधन हो गया है। उन्हें कोई हर्ज नहीं है। पिछले 11 महीने से यह वाद एडीएम खगड़िया के न्यायालय में लंबित है।
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जीवित व्यक्ति को मृत घोषित करना मानवीय दृष्टिकोण से संगीन और गंभीर है। एडीएम न्यायालय को धोखा में रखने के मामले में संबंधित के खिलाफ एडीएम न्यायालय को फ्राड का केस दर्ज कराना चाहिए।
अजित उर्फ अजिताभ सिन्हा, वरीय अधिवक्ता व्यवहार न्यायालय खगड़िया।
