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षष्ठी की शाम खुला चतुर्भुजी दुर्गा मंदिर का पट, खगड़िया के बिशौनी में मां के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

Published: Fri, 16 Oct 2026 08:00 PM (IST)

खगड़िया के परबत्ता स्थित बिशौनी के प्रसिद्ध चतुर्भुजी दुर्गा मंदिर के कपाट महाषष्ठी की शाम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए ...और पढ़ें

खगड़िया के परबत्ता स्थित बिशौनी चतुर्भुजी दुर्गा मंदिर।

खगड़िया के परबत्ता स्थित बिशौनी चतुर्भुजी दुर्गा मंदिर।

HighLights

  1. बिशौनी चतुर्भुजी दुर्गा मंदिर के पट महाषष्ठी की शाम खुले।

  2. यह मंदिर अपनी प्राचीन षष्ठी पट खोलने की परंपरा निभाता है।

  3. बिल्व निमंत्रण, अधिवास पूजन और प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान संपन्न हुए।

संवाद सूत्र, परबत्ता (खगड़िया)। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत बिशौनी स्थित सुप्रसिद्ध चतुर्भुजी दुर्गा मंदिर के कपाट महाषष्ठी की देर संध्या श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए।

मंदिर के पट खुलते ही माता के जयकारों और 'जय मां दुर्गे' के अलौकिक जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय व गुंजायमान हो उठा। इसके साथ ही क्षेत्र में दुर्गा पूजा की रौनक पूरी तरह परवान चढ़ गई है।

उल्लेखनीय है कि अधिकांश मंदिरों में दुर्गा पूजा के पट महासप्तमी या कालरात्रि पूजन की रात्रि को खोले जाते हैं, परंतु बिशौनी के इस ऐतिहासिक मंदिर में षष्ठी की संध्या ही पट खोलने की प्राचीन और अनूठी परंपरा चली आ रही है, जिसका निर्वहन आज भी पूरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है।

प्राण-प्रतिष्ठा और धार्मिक अनुष्ठान हुए संपन्न

मंदिर के पुजारी मनोज कुंवर और पूजा समिति के अध्यक्ष सह आचार्य उत्कर्ष गौतम ने बताया कि स्थापित परंपरा के अनुरूप नवरात्र की षष्ठी तिथि को मां दुर्गा की प्रतिमा को पूरी विधि-विधान के साथ पिंडी पर विराजमान किया गया।

मंदिर में प्रतिमा स्थापना से पूर्व दिन में बिल्व निमंत्रण (बेल्व निमंत्रण) की महत्वपूर्ण धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इसके पश्चात, संध्याकालीन बेला में प्रतिमा स्थापना के साथ अधिवास पूजन किया गया और अंत में मां की प्रतिमा में प्राण-प्रतिष्ठा अर्पित कर मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।

शनिवार की रात इन मंदिरों में खुलेंगे पट

बिशौनी में षष्ठी को पट खुलने के साथ ही परबत्ता क्षेत्र के अन्य प्रमुख पूजा पंडालों और मंदिरों में भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पूजा समितियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सतीशनगर, ड्योढ़ी भरतखंड, खजरैठा, थेभाय, चकप्रयाग, खनुआ राका, अगुवानी, तेमथा राका, सिराजपुर, नयागांव-सतखुट्टी, नयागांव-शिरोमणि टोला, डुमरिया खुर्द, मड़ैया और कुल्हड़िया सहित विभिन्न ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के दुर्गा मंदिरों के पट शनिवार की रात्रि श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे।

धार्मिक अनुष्ठान व आयोजन विवरण

अनुष्ठान / विवरण धार्मिक गतिविधि / प्रक्रिया
विशेष परंपरा षष्ठी की संध्या मंदिर के पट खोलने की प्राचीन मान्यता
प्रमुख स्थल बिशौनी स्थित चतुर्भुजी दुर्गा मंदिर (परबत्ता, खगड़िया)
मुख्य धार्मिक कृत्य बिल्व निमंत्रण, अधिवास पूजन, प्राण-प्रतिष्ठा व पिंडी पर विराजमान
अन्य मंदिरों के पट खुलने की तिथि शनिवार की रात्रि (सतीशनगर, अगुवानी, मड़ैया आदि क्षेत्र)

चतुर्भुजी दुर्गा मंदिर, बिशौनी के अध्यक्ष उत्कर्ष गौतम और पुजारी मनोज कुंवर ने बताया कि मंदिर में षष्ठी की संध्या को ही मां के पट खोलने की सनातन और प्राचीन परंपरा रही है। बिल्व निमंत्रण और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद माता के दर्शन शुरू होते ही श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिलता है।

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