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खगड़िया की देसी मछलियों की होगी ब्रांडिंग, 1 लाख लोगों की आजीविका का बनीं आधार

Published: Sat, 24 Oct 2026 03:06 PM (IST)

खगड़िया जिला मछली उत्पादन में लगातार वृद्धि कर रहा है और राज्य में आठवें स्थान पर है। इस वित्तीय वर्ष ...और पढ़ें

खगड़िया की देसी मछलियों की होगी ब्रांडिंग (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

खगड़िया की देसी मछलियों की होगी ब्रांडिंग (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. खगड़िया मछली उत्पादन में राज्य में आठवें स्थान पर है।

  2. इस वर्ष 47.47 हजार मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य।

  3. कसरैया धार की देसी मछलियों की ब्रांडिंग की तैयारी।

जागरण संवाददाता, खगड़िया। खगड़िया नदी-पानी का जिला है। अपार जलश्रोत यहां समृद्धि की कहानी लिख रहे हैं। राज्य में मछली उत्पादन में खगड़िया का आठवां स्थान है। 

बीते वित्तीय वर्ष 2025-26 में यहां 39.24 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ था। 2024-25 में 38.88 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ। इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में 47.47 हजार मीट्रिक टन मछली उत्पादन का लक्ष्य है। 

एक लाख लोगों को मिला रोजगार

इस वर्ष गंगा और बूढ़ी गंडक की बाढ़ के कारण मछली उत्पादन में लक्ष्य से आगे जाने की उम्मीद है। जिला मत्स्य पदाधिकारी लाल बहादुर साफी ने बताया कि मछली उत्पादन में पांच गुणा वृद्धि को लेकर कलस्टर निर्माण को ले जिला पदाधिकारी की ओर से सचिव डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार काे योजना स्वीकृति हेतु पत्र भेजा गया है। जो प्रक्रियाधीन है। 

C-484-1-BHL1049-419286

जिला मत्स्य पदाधिकारी के अनुसार खगड़िया जिला में लगभग एक लाख लोग मत्स्य पालन और क्रय-विक्रय से जुड़े हुए हैं। मछलियां यहां की आर्थिकी का मजबूत आधार है।

कसरैया धार की मछलियों की होगी ब्रांडिंग, तैयारी शुरू

दूसरी ओर कसरैया धार की देसी मछलियों की ब्रांडिंग की तैयारी हो रही है। ‘कसरैया धार, स्वाद अपार’ नाम से ब्रांडिंग की तैयारी चल रही है। कसरैया कतला, कसरैया रेवा, कसरैया पलवा, कसरैया पवदा, कसरैया सिंगी, कसरैया मांगुर आदि नाम से ब्रांडिंग होगी। इसको लेकर प्रपोजल तैयार हो रहा है। 

मालूम हो कि कसरैया धार की मछलियां स्वाद को लेकर प्रसिद्ध है। इस धार की लंबाई छह किलोमीटर है और यहां 63 प्रकार की देसी मछलियां पाई जाती है। वर्ष भर पानी रहता है। धार की गहराई 30 से 40 फीट तक है। यह धार खगड़िया के तीन प्रखंडों, चौथम, गोगरी और मानसी से होकर गुजरती है।

खगड़िया मछली उत्पादन में लगातार आगे बढ़ रहा है। इस वित्तीय वर्ष में 47.47 हजार मीट्रिक टन मछली उत्पादन का लक्ष्य है, जो पूरा हो जाना चाहिए। मत्स्य पालकों (मत्स्य किसानों) को लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। यहां के मछलियों की ब्रांडिंग को लेकर भी प्रयास जारी है। - लाल बहादुर साफी, जिला मत्स्य पदाधिकारी खगड़िया।

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