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कलकत्ता में भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में कटिहार पुलिस, दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा सख्त, भीड़ पर पैनी नजर

Published: Mon, 19 Oct 2026 08:17 AM (IST)

कोलकाता भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए कटिहार पुलिस दुर्गा पूजा के लिए पूरी तरह अलर्ट पर है, शहर ...और पढ़ें

कटिहार के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडाल में सुरक्षा का जायजा लेते पुलिसकर्मी।

कटिहार के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडाल में सुरक्षा का जायजा लेते पुलिसकर्मी।

HighLights

  1. कोलकाता भगदड़ के बाद कटिहार पुलिस अलर्ट मोड पर।

  2. 58 दुर्गा पूजा पंडालों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू।

  3. भीड़ नियंत्रण, सीसीटीवी निगरानी, अलग प्रवेश-निकास।

संवाद सहयोगी, कटिहार। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गापूजा के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए कटिहार जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।

शारदीय नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए कटिहार शहर के प्रमुख दुर्गा मंदिरों और 58 चयनित पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं।

सड़कों से लेकर पूजा पंडालों के मुख्य परिसर तक भीड़ प्रबंधन और यातायात (ट्रैफिक) व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस बल सक्रियता से तैनात है।

शहरी क्षेत्र के सुप्रसिद्ध बड़ी दुर्गा मंदिर, एलडब्ल्यूसी (LWC), हवाई अड्डा, संग्राम चौक, सन ऑफ इंडिया क्लब और विनोदपुर सहित अन्य तमाम बड़े पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

इन सभी संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारियों और अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी स्थिति में भगदड़ या अव्यवस्था की आशंका न रहे।

प्रवेश और निकास की अलग-अलग व्यवस्था

सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए सदर एसडीपीओ विशाल आनंद ने बताया कि शहर में यातायात व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने और संभावित सड़क जाम की समस्या से निपटने के लिए यातायात पुलिस के साथ-साथ स्थानीय थाना पुलिस के जवानों को भी मोर्चे पर लगाया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कोलकाता हादसे को ध्यान में रखते हुए सभी बड़े पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) के लिए अलग-अलग और चौड़े रास्ते रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, ताकि एक ही बिंदु पर अचानक भीड़ का दबाव न बने।

इसके अतिरिक्त सभी पूजा समितियों के वालंटियर्स और सदस्यों को भी पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर भीड़ नियंत्रण में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।

सीसीटीवी कैमरों से असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर

दुर्गापूजा मेले के दौरान महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विशेष तकनीकी निगरानी की जा रही है। शहर के सभी प्रमुख पूजा पंडालों के अंदर और बाहर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे संस्थापित किए गए हैं।

कंट्रोल रूम के जरिए पंडाल में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गतिविधियों और संदिग्ध असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूजा समितियों की ओर से भी प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता और सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु पूर्णतः सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में मां दुर्गा के दर्शन-पूजन का आनंद ले सकें।

सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था का संक्षिप्त विवरण 

व्यवस्था का पहलू प्रशासनिक विवरण व संख्या
सुरक्षा घेरे में शामिल पंडाल शहर के 58 प्रमुख दुर्गा पूजा पंडाल
प्रमुख अति-संवेदनशील क्षेत्र बड़ी दुर्गा मंदिर, LWC, हवाई अड्डा, संग्राम चौक, विनोदपुर आदि
भीड़ नियंत्रण रणनीति प्रवेश एवं निकास (Entry-Exit) के अलग रास्ते, बैरिकेडिंग
तकनीकी निगरानी सीसीटीवी कैमरे एवं वालंटियर्स का सहयोग
प्रशासनिक नेतृत्व विशाल आनंद (सदर एसडीपीओ, कटिहार)

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"कोलकाता की घटना के बाद कटिहार में विशेष एहतियात बरती जा रही है। सभी 58 पूजा पंडालों में पुलिस बल तैनात है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पंडालों में अलग-अलग प्रवेश-निकास द्वार बनाए गए हैं और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है।"

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— विशाल आनंद, सदर एसडीपीओ, कटिहार