बिहार : चमकीली पीली मछली देखकर न खाएं धोखा! बाहर की मछली पर पीला रंग और 'लोकल' का ठप्पा; डॉक्टर बोले- लिवर होगा बीमार
Katihar Fish Market Adulteration: कटिहार के मिचाईबाड़ी मछली बाजार में बाहर से आने वाली मछलियों को पीला रंग लगाकर 'लोकल' ...और पढ़ें
HighLights
बाहर की मछलियों को पीला रंग लगाकर 'लोकल' बताया जा रहा।
मिलावटी मछलियां ऊंचे दामों पर बेचकर ग्राहकों को ठगा जा रहा है।
विशेषज्ञों ने लिवर डैमेज और एलर्जी का गंभीर खतरा बताया।
संवाद सहयोगी, कटिहार। Katihar Fish Market Adulteration: मिलावटखोरी के दौर में खाद्य पदार्थों को चमकदार और आकर्षक बनाकर अंधाधुंध मुनाफा कमाने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कटिहार शहर के मिचाईबाड़ी स्थित प्रमुख मछली बाजार में बाहर से आने वाली चालानी मछलियों पर पीला रंग चढ़ाकर उन्हें स्थानीय यानी 'लोकल' (देसी) मछली बताकर ऊंचे दामों पर बेचने का गंभीर आरोप लगा है।
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बाजार में बिक रही कई मछलियों पर स्पष्ट रूप से पीले रंग की परत चढ़ी होने की तस्वीरें सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। स्थानीय खरीदारों का आरोप है कि बाहर से आने वाली बासी और बर्फ वाली मछलियों को ताजा व देसी दिखाने के लिए उन पर अप्राकृतिक रंगों और संदिग्ध रसायनों का लेप लगाया जा रहा है।
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हालांकि, मछलियों की चमक बढ़ाने के लिए किस घातक केमिकल या सिंथेटिक रंग का इस्तेमाल हुआ है, इसकी सटीक पुष्टि खाद्य सुरक्षा विभाग की लैब जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले को लेकर अब स्वास्थ्य व खाद्य सुरक्षा विभाग से तत्काल छापेमारी और जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है।
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स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप, भड़के ग्राहक
मिचाईबाड़ी बाजार में मछली खरीदने पहुंचे ग्राहक राजेश कुमार और दीपक कुमार सहित अन्य स्थानीय लोगों ने इसे आम जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया है। खरीदारों का कहना है कि सामान्य उपभोक्ता देसी और लोकल मछली समझकर अधिक कीमत चुकाते हैं, लेकिन उन्हें केमिकल युक्त रंगी हुई मछलियां थमाई जा रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और खाद्य संरक्षा पदाधिकारी से बाजार में औचक निरीक्षण कर मछलियों के नमूने एकत्र करने तथा दोषी कारोबारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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लिवर डैमेज और एलर्जी का गंभीर खतरा
मछलियों पर अखाद्य रंगों के इस्तेमाल को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी कड़ी चेतावनी दी है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.पी. विंनकर ने बताया कि खाद्य पदार्थों में अनधिकृत केमिकल और सिंथेटिक रंगों का प्रयोग मानव शरीर के लिए बेहद घातक है। ऐसे रसायनों के शरीर में जाने से पाचन तंत्र बुरी तरह प्रभावित होता है। इसके लगातार सेवन से लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियां, पेट में अल्सर और शरीर में कई तरह के एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं।
