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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार के इस जिले में एक माह से किसान परेशान, धान की फसल खराब होने का डर; नहीं मिल रही ये सुविधा

Published: Mon, 01 Apr 2024 03:50 PM (IST)

पिछले एक माह से डीएपी व यूरिया की किल्लत से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धान ...और पढ़ें

डीएपी व यूरिया की किल्लत से किसानों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
डीएपी व यूरिया की किल्लत से किसानों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना

HighLights

  1. अब धान के पौधों में बाली निकलेगी
  2. कीट व्याधि के कारण फसल बर्बाद होने की चिंता

संवाद सूत्र, रोशना(कटिहार)। प्राणपुर प्रखंड क्षेत्र में गरमा धान की खेती व्यापक पैमाने पर होती है। पिछले एक माह से डीएपी व यूरिया की किल्लत से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धान की फसल में कीट व्याधि ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

किसानों ने कहा कि उर्वरक नहीं मिलने के कारण कृषि कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि अब धान के पौधों में बाली निकलेगी। कीट व्याधि के कारण फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है।

किसानों को उर्वरक नहीं मिल पा रहा

किसान श्यामचंद मंडल, कन्हैया प्रसाद सिंह, चक्रधारी मंडल, हरिशंकर मंडल, वरुण शर्मा, मोहम्मद मुकम्मिल, धर्मेंद्र सिंह, गिरधारी सिंह, कार्तिक यादव आदि ने कहा कि एक तो किसानों को उर्वरक नहीं मिल पा रहा है।

वहीं, धान की फसल में कीट प्रकोप से निबटना भी चुनौती बन रही है। कीट के प्रकोप से धान के पौधे तीन से चार दिनों में ही सूख रहे हैं।

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