'पहले आदत लगाई; अब जेब पर वार', UPI पर नए शुल्क के फैसले पर भड़के युवा
नई यूपीआई एमडीआर शुल्क व्यवस्था पर सिमुलतला के युवा असंतुष्ट हैं, क्योंकि ₹2000 से अधिक के मर्चेंट लेन-देन पर 0.4% ...और पढ़ें

पवन प्रजापति, पायल सिंह और पवन प्रजापति। जागरण आर्काइव
HighLights
₹2000 से अधिक मर्चेंट यूपीआई लेन-देन पर 0.4% एमडीआर लागू।
सिमुलतला के युवा नए शुल्क व्यवस्था से असंतुष्ट और चिंतित।
युवाओं ने नीति-निर्माताओं से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। ₹2000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किए जाने की घोषणा के बाद क्षेत्र के युवाओं में इसे लेकर असंतोष और चिंता है। नई व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर से ₹2000 से अधिक के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा।
हालांकि, यह शुल्क व्यापारियों पर होगा और ग्राहकों से अलग से शुल्क नहीं लिया जाएगा। पर्सन-टू-पर्सन यूपीआई लेन-देन भी शुल्क-मुक्त रहेंगे। क्षेत्र के युवाओं का कहना है कि डिजिटल भुगतान अब उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
उनका मानना है कि शुल्क व्यवस्था से व्यापारियों और ग्राहकों के बीच लेन-देन के तौर-तरीकों पर असर पड़ सकता है। युवाओं ने नीति-निर्माताओं से नई व्यवस्था को लेकर आम लोगों के बीच स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
क्या कहते हैं युवा?
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद शुल्क व्यवस्था में बदलाव को लेकर आम लोगों में असमंजस की स्थिति है। सरकार को छात्रों और मध्यम वर्ग के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करनी चाहिए। - पायल सिंह, एमबीए छात्रा
छात्र अनुज कुमार ने कहा कि नियमों में शुल्क व्यापारियों पर लगाया गया है, लेकिन इसका बाजार और कीमतों पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना होगा। ग्राहकों को किसी भी अप्रत्यक्ष बोझ से बचाने के लिए व्यवस्था स्पष्ट होनी चाहिए।
एमबीए छात्र आशीष राज ने कहा कि हॉस्टल की फीस, मेस का बिल, कोचिंग और महीने का राशन जैसे खर्च अक्सर ₹2000 से अधिक होते हैं। डिजिटल भुगतान के तरीके में बदलाव से छात्रों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय युवा उद्यमी प्रतीक सिंह ने रहा कि ग्रामीण और कस्बाई बाजारों में डिजिटल भुगतान से लेन-देन काफी सुविधाजनक हुआ है। बड़े लेन-देन पर एमडीआर लागू होने से छोटे कारोबारियों पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।
वहीं, बीएड परीक्षार्थी पवन प्रजापति ने कहा कि डिजिटल भुगतान की सहजता ने लोगों के लिए लेन-देन आसान बनाया है। नई व्यवस्था को लेकर युवाओं और आम जनता को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।
