सिमुलतला आवासीय विद्यालय में 34 दिन की छुट्टी के बीच शिक्षकों का विरमण आदेश, जमुई डीईओ की कार्रवाई पर उठे सवाल
जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय में 34 दिनों की छुट्टियों के बीच तीन शिक्षकों को तत्काल विरमित कर योगदान देने ...और पढ़ें

सिमुलतला आवासीय विद्यालय जमुई का प्रशासनिक भवन
HighLights
34 दिन की छुट्टी में शिक्षकों को विरमित करने का आदेश।
जमुई डीईओ के आदेश पर शिक्षा महकमे में सवाल।
प्राचार्य को आदेश की प्रतिलिपि न मिलने पर विवाद।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। जमुई जिले के विश्वप्रसिद्ध सिमुलतला आवासीय विद्यालय में दुर्गा पूजा से लेकर छठ महापर्व तक घोषित 34 दिनों के लंबे आधिकारिक अवकाश के बीच तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से विरमित (Relieve) कर इसी विद्यालय में योगदान देने का आदेश जारी किया गया है। छुट्टियों के दौरान जारी इस विवादित प्रशासनिक आदेश को लेकर शिक्षा महकमे और विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से शीतकालीन छुट्टियों को समायोजित करते हुए 34 दिनों के लंबे अवकाश को आधिकारिक स्वीकृति दी गई है। ऐसे में शिक्षाविदों और शिक्षकों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि जब विद्यालय पूरी तरह बंद है, तो शिक्षक इस दौरान योगदान कैसे करेंगे।
आरडीडी मुंगेर के पत्र के आलोक में डीईओ जमुई ने जारी किया आदेश
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सिमुलतला आवासीय विद्यालय के प्राचार्य की मांग पर क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RDD), मुंगेर प्रमंडल ने प्रमंडल स्तर पर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया था। इस सूची में लखीसराय, शेखपुरा और जमुई जिलों के शिक्षकों के नाम शामिल थे। इसी आलोक में जमुई के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने जिले के तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से विरमित करने का आदेश जारी कर दिया।
इस आदेश को लेकर दूसरा प्रशासनिक सवाल तब उठा, जब डीईओ के जारी पत्र की प्रतिलिपि में सिमुलतला आवासीय विद्यालय के प्राचार्य का नाम दर्ज ही नहीं था। जिस संस्थान में शिक्षकों को योगदान देना है, वहां के संस्थाप्रधान को पत्र की प्रतिलिपि न भेजे जाने को प्रशासनिक चूक माना जा रहा है।
शिक्षाविदों का कहना है कि जब विद्यालय 34 दिनों के लिए बंद है, तो यह आदेश विद्यालय खुलने की तिथि से प्रभावी किया जाना चाहिए था। साथ ही, बीच सत्र में शिक्षकों को अचानक विरमित किए जाने से उनके मूल विद्यालयों में बच्चों का पठन-पाठन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है: डीईओ जमुई
पूरे विवाद पर जमुई के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) धनंजय पासवान ने प्रशासनिक रुख साफ करते हुए कहा:इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। यह पत्र हमारा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RDD) के रेफरेंस में जारी किया गया है और शिक्षकों की सूची भी वहीं से तैयार हुई है। यह एक सामान्य नियम है कि शिक्षक जहां भी योगदान देंगे, वे उसी संस्थान के कैलेंडर से संचालित होंगे।
सिमुलतला आवासीय विद्यालय अभी बंद है, तो तय समय पर खुलेगा भी। वहां के अन्य शिक्षक भी फिलहाल अवकाश पर ही हैं। विभागीय आदेश का पालन करना अनिवार्य है, इसलिए शिक्षक वहां अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे। जहां तक संबंधित विद्यालय के प्राचार्य का नाम पत्र में न होने की बात है, तो उन्हें इस पूरे मामले की मुकम्मल जानकारी दे दी गई है।
