जमुई को बड़ी सौगात, 496 करोड़ की झाझा-बटिया रेल लाइन का रास्ता साफ, जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे 205 करोड़
Jamui Jhajha Batiya Rail Line: जमुई जिले की बहुप्रतीक्षित झाझा-बटिया रेल लाइन परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया ...और पढ़ें

जमुई के सोनो-बटिया क्षेत्र से होकर गुजरने वाली प्रस्तावित झाझा-बटिया रेल लाइन।
HighLights
झाझा-बटिया रेल लाइन परियोजना का रास्ता हुआ साफ।
496.37 करोड़ की लागत से 20 किमी पटरी बिछेगी।
भूमि अधिग्रहण पर 205 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
अरविंद कुमार सिंह, जमुई। Jamui Jhajha Batiya Rail Line: जमुई जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों को भारतीय रेल के मुख्य नेटवर्क से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित झाझा-बटिया 20 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना के निर्माण की दिशा में सबसे बड़ी अड़चन अब दूर होने जा रही है।
सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो वित्तीय वर्ष 2027-28 में झाझा से बटिया के बीच रेल पटरी बिछाने का कार्य धरातल पर प्रारंभ हो जाएगा। 496.37 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सिर्फ भूमि अधिग्रहण पर ही लगभग 205 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
20 किलोमीटर लंबी झाझा-बटिया रेल लाइन परियोजना के लिए 179.28 एकड़ रैयती भूमि हेतु 205 करोड़ रुपये का अनुमानित प्राक्कलन रेलवे को प्रेषित
सोनो के 20 और झाझा के 4 मौजों (कुल 24 मौजे) में 352.00535 एकड़ भूमि (179.28 एकड़ रैयती + 172.72 एकड़ सरकारी) चिन्हित
सोनो अंचल के पैरा मटिहाना मौजा में सर्वाधिक 52.01 एकड़ जमीन अधिग्रहित होगी; सत्यापन का कार्य हुआ पूरा
तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा 2 मार्च 2019 को रखी गई थी परियोजना की आधारशिला
जिला प्रशासन द्वारा रेलवे को मौजा-वार जमीन का ब्योरा और 205 करोड़ रुपये का अनुमानित प्राक्कलन (Estimate) भेज दिया गया है। रेलवे से राशि उपलब्ध होते ही प्रभावित भू-स्वामियों को मुआवजा भुगतान और सरकारी भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
24 मौजों में 352 एकड़ जमीन चिन्हित; सोनो के पैरा मटिहाना में सर्वाधिक अधिग्रहण
परियोजना के निर्माण के लिए झाझा और सोनो अंचल के कुल 24 मौजों में 352.00535 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें 179.28215 एकड़ रैयती तथा 172.7232 एकड़ सरकारी भूमि शामिल है। सोनो अंचल के 20 मौजों में 274.72 एकड़ जमीन (136.40 एकड़ रैयती) अधिग्रहित होगी, जिसमें पैरा मटिहाना मौजा में सर्वाधिक 52.01 एकड़ भूमि चिन्हित है।
इसके अलावा प्रेमबथान, कुकरभुट्टो, डुब्बा, छड़ना, पिपराबांक, घोटारी, तेलियाछोराठ, महुगांय, पंचपहाड़ी, बैजाडीह, बिंझी, खुर्दमहापुर, चंद्रा, जिरहुलिया, कोरिया, डिहारी, तेतरिया, डुमरीखास व कोरियासार मौजा शामिल हैं। वहीं झाझा अंचल के 4 मौजों (हथिया, सोहजाना, नावाडीह व धपरीकिता) में 77.27 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होगा, जिसमें सोहजाना में 27.04 एकड़ रैयती जमीन है।
एक नजर में झाझा-बटिया रेल परियोजना :
कुल अनुमानित लागत: 496.37 करोड़
रेल लाइन की लंबाई: 20 किलोमीटर
कुल अधिग्रहित भूमि: 352.00535 एकड़ (रैयती: 179.28 एकड़ | सरकारी: 172.72 एकड़)
भूमि अधिग्रहण हेतु मांगी गई राशि: 205 करोड़
प्रस्तावित नए रेलवे स्टेशन (02): सोनो और बटिया
पुल-पुलियों की संख्या: 49
रेलवे ओवरब्रिज (ROB): 05
रेलवे अंडरब्रिज (RUB): 04
2019 में चिराग पासवान की पहल पर रखी गई थी नींव; सोनो और बटिया बनेंगे नए स्टेशन
इस रेल लाइन परियोजना की आधारशिला 2 मार्च 2019 को तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा रखी गई थी। स्थानीय सांसद व वर्तमान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के पहले कार्यकाल के अंतिम दौर में स्वीकृत इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बटिया, सोनो, चकाई और आसपास के घने ग्रामीण इलाकों को झाझा जंक्शन से सीधा रेल संपर्क प्रदान करना है।
लंबे समय से भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया अटकी होने के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ सका था। अब मुआवजा राशि मिलते ही भूमि हस्तांतरित कर रेलवे पटरियों व बुनियादी ढांचे के निर्माण की निविदा प्रक्रिया शुरू कर देगा।
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