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फर्जी B.Ed डिग्री से नौकरी का भंडाफोड़: 11 साल बाद खुला राज, जमुई से शिक्षक गिरफ्तार

Published: Mon, 05 Oct 2026 05:48 PM (IST)

जमुई में एक शिक्षक को फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ...और पढ़ें

फर्जी B.Ed डिग्री से नौकरी का भंडाफोड़: 11 साल बाद खुला राज, जमुई से शिक्षक गिरफ्तार (AI Generated Image)

फर्जी B.Ed डिग्री से नौकरी का भंडाफोड़: 11 साल बाद खुला राज, जमुई से शिक्षक गिरफ्तार (AI Generated Image)

HighLights

  1. शिक्षक कुमार हरेराम को फर्जी बीएड डिग्री के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

  2. बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से प्राप्त डिग्री जांच में फर्जी पाई गई।

  3. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई की।

संवाद सहयोगी, जमुई। जिस बीएड की डिग्री के सहारे शिक्षक की नौकरी हासिल की, जांच में वही डिग्री फर्जी निकल गई। नियोजित शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की जांच कर रहे निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की पड़ताल में यह मामला सामने आया है।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से सत्यापन में प्रमाण-पत्र के फर्जी पाए जाने के बाद निगरानी ने खैरा थाना को केस दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय बाघाखाड़ में पदस्थापित गणित शिक्षक कुमार हरेराम के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

निगरानी विभाग के पत्रांक 1472, दिनांक 20 मार्च 2026 के अनुसार, यह कार्रवाई पटना हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका सं. सीडब्लूजेसी नं. 15459/14 के आलोक में चल रही निगरानी जांच सं. बीएस 08/15 के तहत की गई है।

जमुई जिले में नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की जांच के दौरान कुमार हरेराम की बीएड डिग्री भी सत्यापन के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय भेजी गई थी।

अंक-पत्र में दर्शाया था 752 अंक और प्रथम श्रेणी

निगरानी के अनुसार, शिक्षक के बीएड अंक-पत्र पर रोल नं. 263917, ई. नं. बीयू 09/00511, वर्ष 2014, 752 अंक और प्रथम श्रेणी अंकित थी। प्रमाण-पत्र को विश्वविद्यालय के स्तर से सत्यापन कराया गया।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की ओर से संदर्भ के माध्यम से निगरानी ब्यूरो को सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई। जांच रिपोर्ट में उक्त प्रमाण-पत्र को फर्जी बताया गया।

2015 में इसी डिग्री के आधार पर हुआ था नियोजन

शेखपुरा जिला के सिरारी भदौस निवासी कुमार हरेराम ने वर्ष 2015 में जिला परिषद माध्यमिक शिक्षक नियोजन के लिए जमुई में आवेदन किया था।

इसके बाद जिला परिषद माध्यमिक शिक्षक नियोजन इकाई के कार्यालय ज्ञापांक के माध्यम से अनारक्षित कोटि में श्रवण दिव्यांग चयनित कोटि के तहत प्रशिक्षित शिक्षक (गणित) के रूप में उनका नियोजन किया गया था। वर्तमान में वे उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बाघाखाड़ में पदस्थापित थे।

एमनेस्टी पीरियड में भी नहीं दिया त्याग-पत्र

निगरानी के पत्र में उल्लेख है कि हाई कोर्ट द्वारा निर्धारित एमनेस्टी पीरियड में शिक्षक की ओर से त्याग-पत्र भी नहीं दिया गया। फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में खैरा थाना में कांड सं. 107/26 दर्ज किया गया है।

मामले में आइपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120(बी) के तहत केस दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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