Move to Jagran APP

Jamui: CM नीतीश के जमुई आगमन से पहले झाझा के खेतों में पहुंचा नागी जलाशय का पानी, किसानों के चेहरों पर आई चमक

Jamui मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जमुई आगमन से पहले सिंचाई प्रमंडल टू द्वारा झाझा के आठ सौ हेक्टेयर भूमि को नागी जलाशय का पानी मुहैया करा दिया गया है। वर्षों से मृत पड़े नहर में पानी देख किसानों के मुरझाए चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।

By Sanjay Kumar SinghEdited By: Prateek JainPublished: Sun, 05 Feb 2023 11:11 PM (IST)Updated: Sun, 05 Feb 2023 11:11 PM (IST)
झाझा के आठ सौ हेक्टेयर भूमि को नागी जलाशय का पानी मुहैया करा दिया गया है।

झाझा (जमुई), संवाद सूत्र: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जमुई आगमन से पहले सिंचाई प्रमंडल टू द्वारा झाझा के आठ सौ हेक्टेयर भूमि को नागी जलाशय का पानी मुहैया करा दिया गया है। वर्षों से मृत पड़े नहर में पानी देख किसानों के मुरझाए चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।

किसान 15 वर्ष बाद खेत में पानी पहुंचने की बात कह रहे हैं। दूसरी ओर अंतिम छोर के किसानों को लंबे समय बाद नागी जलाशय का पानी नसीब हुआ है। सिंचाई प्रमंडल टू के तहत केनालों के हुए जीर्णोद्धार के पहले किसानों ने कई बार आंदोलन से लेकर प्रर्दशन तक किया था।

नहर में पानी आया तो गेंहू की पटवन में जुट गए किसान 

जानकारी के अनुसार, सात निश्चय पार्ट टू के तहत हर खेत तक सिंचाई योजना का लाभ पहुंचाने के लिए नागी को चार भाग में बांटा गया। चार माह से केनाल की सफाई से लेकर जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा था। शनिवार को उक्त कैनाल में पानी छोड़ा गया। यह पानी नयाकाडीह, छुछनरिया, चरहरवा, डीमाडीह, जीवन टोला, बाराजोर, गिद्धको, सोहजाना, धपरी, शैर गांव होते हुए अन्य गांव तक पहुंचा तो किसान गेहूं के पटवन करने में लग गए।

साथ ही खाली पड़ी जमीन को भी पानी से पटवन कर मूंग लगाने के तैयारी में जुट गए। गिद्धको गांव के महादेव मंडल ने बताया कि 20 वर्ष से हमलोगों के खेत में नागी का पानी नही पहुंच पाता था। केनाल टूटे रहने के कारण पानी बरबाद हो जाया करता था, लेकिन अब पानी सीधे खेत में आ रहा है। इससे किसानों को काफी फायदा होगा।

किसानों के चेहरे पर आई खुशी

कलयुगहा गांव के राजकुमार मंडल ने कहा कि प्रत्येक वर्ष सिंचाई प्रमंडल टू द्वारा केनाल में पानी छोड़ने का कार्य किया जाता था, लेकिन उसका लाभ नीचे पायदान के किसान को नहीं मिल पाता था। अब हर गांव के किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

सोहजाना गांव के मनोज यादव ने कहा कि केनाल के ठीक होने से किसानों को फायदा हो रहा है। सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक पदाधिकारी दीपक प्रधान ने बताया कि वर्षों से किसानों की मांग को पूरा किया गया है। केनाल को पुर्नस्थापित कर पानी अंतिम छोर के किसानों तक पहुंचाया गया। उन्होंने नागी के लेफट केनाल को भी चालू करने की बात कही, जबकि नागी के 12 केनाल की मरम्मति एवं जीर्णोद्धार का कार्य किया जाएगा। उक्त पानी से आठ सौ हेक्टेयर जमीन का पटवन होने की संभावना व्यक्त की है।

यह भी पढ़ें- जमुई की नक्सल प्रभावित आदिवासी बस्तियों में पुष्पा ने लाया नया सवेरा, बैंक मित्र बनकर कई महिलाओं का बदला जीवन


This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.