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564वीं साइकिल यात्रा से जमुई में पर्यावरण बचाने का संदेश, मिट्टी की सेहत सुधारने और पौधे लगाने के लिए किया जागरूक

Published: Sun, 25 Oct 2026 07:37 PM (IST)

जमुई में 'साइकिल यात्रा एक विचार' समूह ने अपनी 564वीं पर्यावरण साइकिल यात्रा पूरी की, जिसका उद्देश्य मिट्टी संरक्षण और पौधारोपण के प्रति जागरूकता फैलाना था।

पौधारोपण करते साइकिल यात्रा एक विचार के सदस्य गण सौजन्य संगठन

पौधारोपण करते साइकिल यात्रा एक विचार के सदस्य गण सौजन्य संगठन

HighLights

  1. 'साइकिल यात्रा एक विचार' की 564वीं पर्यावरण यात्रा संपन्न।

  2. जमुई के गाँवों में मिट्टी संरक्षण हेतु जागरूकता फैलाई।

  3. पौधारोपण को मृदा क्षरण रोकने का मुख्य उपाय बताया।

संवाद सहयोगी, जमुई। "मिट्टी का अस्तित्व बचेगा, तभी मानव जीवन, कृषि और संपूर्ण पर्यावरण सुरक्षित रहेगा।" इसी दूरगामी संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से जमुई के समर्पित युवाओं के समूह 'साइकिल यात्रा एक विचार' के आठ सदस्यों ने रविवार को अपनी 564वीं पर्यावरण साइकिल यात्रा पूरी की।

साइकिल यात्रियों का यह दल जमुई मुख्य शहर से रवाना होकर कल्याणपुर, सिकरिया और सोनपे जैसे ग्रामीण इलाकों से गुजरते हुए बालाडीह गाँव पहुँचा। यात्रा के दौरान सदस्यों ने जगह-जगह चौपाल लगाकर स्थानीय ग्रामीणों को प्राकृतिक संसाधनों और मृदा (मिट्टी) के संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

मानवीय गतिविधियों से बढ़ रहा मृदा अपरदन और प्रदूषण

गाँव में आयोजित जागरूकता सत्र को संबोधित करते हुए यात्रा के सक्रिय सदस्य अजीत कुमार ने कहा कि मिट्टी ही मानव जीवन, कृषि, वनस्पति और सभी जीव-जंतुओं का मूल आधार है।

Jamui 564th Cycle Journey Promotes Soil Conservation (1)

लेकिन आधुनिक दौर में अंधाधुंध मानवीय गतिविधियों, रासायनिक खादों के प्रयोग और पेड़ों की कटाई के कारण मृदा का क्षरण और प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मिट्टी के कटाव को रोकने और उसकी प्राकृतिक उर्वरता को बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण (Tree Plantation) ही सबसे असरदार और टिकाऊ उपाय है।

जीविका दीदी ने की पहल की सराहना

बालाडीह गाँव में कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जीविका दीदी शिम्पी कुमारी ने साइकिल यात्रियों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज के व्यस्त दौर में अपनी दैनिक दिनचर्या से समय निकालकर लगातार सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर साइकिल चलाकर लोगों को जगाना बेहद प्रशंसनीय पहल है।

आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरी-भरी पृथ्वी छोड़ने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी-अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी। रविवार की इस 564वीं यात्रा में प्रमुख रूप से हरेराम सिंह, शेषनाथ राय, संदीप रंजन, राहुल ऋतुराज, आंचल कुमारी, रवींद्र और संजय कुमार समेत कई स्थानीय ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

"हर रविवार को साइकिल के माध्यम से गाँवों तक पहुँचना और लोगों को पेड़-पौधे व मिट्टी बचाने के लिए प्रेरित करना हमारा संकल्प है। जब तक हमारी मिट्टी और हवा शुद्ध नहीं होगी, तब तक स्वस्थ समाज की कल्पना अधूरी है।"

— अजीत कुमार व सदस्य, साइकिल यात्रा एक विचार, जमुई

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"अमृतसर-कोलकाता गुरुमुखी एक्सप्रेस समेत कुछ अन्य ट्रेनें अपने निर्धारित मार्ग पर पीछे से ही विलंब से चल रही थीं। झाझा स्टेशन पर किसी भी ट्रेन को नहीं रोका गया है। यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।"

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— मंजीत कुमार, प्रभारी स्टेशन प्रबंधक, झाझा (जमुई)