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1 नंबर से चूकी थीं UPSC, अब पहले ही प्रयास में BPSC फतह कर स्टेट असिस्टेंट कमिश्नर बनीं बिहार की निकिता

Published: Mon, 02 Nov 2026 05:37 PM (IST)

BPSC Success Story: झाझा की निकिता सिन्हा ने बीपीएससी 70वीं परीक्षा में स्टेट सहायक कमिश्नर का पद हासिल कर अपने माता-पिता और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

निकिता सिन्हा। (जागरण)

निकिता सिन्हा। (जागरण)

HighLights

  1. निकिता कुमारी ने बीपीएससी 70वीं में सफलता पाई।

  2. किसान की बेटी बनीं स्टेट सहायक कमिश्नर।

  3. झाझा, जमुई में खुशी का माहौल, मिली बधाई।

संवाद सूत्र, झाझा (जमुई)। सफलता किसी परिचय की मोहताज नहीं होती। झाझा नगर क्षेत्र के पिपराडीह मोहल्ले की निकिता सिन्हा ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) 70वां (70th BPSC Result) में स्टेट सहायक कमिश्नर के पद पर सफलता हासिल कर यह साबित कर दिखाया।

निकिता के पिता संजीव कुमार सिन्हा उर्फ पप्पू सिन्हा एक किसान हैं और सामान्य परिवार से आते हैं, जबकि उनकी मां बेबी सिन्हा गृहिणी हैं।

इसके बावजूद निकिता की मेधा को देखते हुए परिवार ने उनकी पढ़ाई के प्रति पूरा समर्पण दिया। अपनी खुशियों को पीछे रखकर माता-पिता निकिता की पढ़ाई को लेकर हमेशा गंभीर रहे।

पहली बार में क्रैक किया एग्जाम

इसका परिणाम यह रहा कि निकिता ने पहली बार बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने माता-पिता सहित पूरे झाझावासियों का नाम रोशन किया।

निकिता की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर अब तक का शैक्षणिक सफर उत्कृष्ट रहा है। वर्ष 2017 में नगर क्षेत्र के सरडोनिक्स स्कूल से 10वीं की परीक्षा में वह स्कूल टॉपर रहीं।

वहीं, वर्ष 2019 में झारखंड राज्य के डीएवी पब्लिक स्कूल, बोकारो सेक्टर-4 से प्लस टू की परीक्षा में स्टेट टापर बनकर झाझा का नाम रोशन किया।

Nikita Kumari

सीएम ने किया सम्मानित।

इसके अलावा वर्ष 2022 में भूगोल विषय से पटना के वीमेंस कालेज में गोल्ड मेडलिस्ट का खिताब हासिल किया। साथ ही वर्ष 2025 में पटना में रहकर यूजीसी परीक्षा में 98.7 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

बीपीएससी परीक्षा से पहले वह यूपीएससी परीक्षा में मात्र एक अंक से पीछे रह गई थीं। निकिता ने कहा कि उनका लक्ष्य यूपीएससी में सफलता हासिल करना है।

उन्होंने इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को दिया। निकिता का परिणाम सामने आते ही पिपराडीह मोहल्ले समेत पूरे नगर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।

इंटरनेट मीडिया के अलावा उनके घर पर शुभकामनाएं देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। खुशी में हर व्यक्ति झूम उठा। बताया जाता है कि निकिता का ध्यान हमेशा पढ़ाई पर केंद्रित रहा और किताबें ही उनकी सबसे अच्छी साथी बनी रहीं।

निकिता के बड़े चाचा संजय सिन्हा पूर्व नगर अध्यक्ष हैं, जबकि उनकी चाची मीरा सिन्हा वार्ड पार्षद हैं। वहीं, छोटे चाचा बबलू सिन्हा जदयू के नगर अध्यक्ष पद पर हैं। उनकी सफलता पर समाजसेवी राजीव उर्फ गुड्डू यादव, मुख्य पार्षद संजय यादव समेत दर्जनों लोगों ने शुभकामनाएं दीं थी।

अपने पिता ओर माता को सफलता का दिया श्रेय

निकिता सिन्हा ने इस सफलता के पीछे अपने माता ओर पिता का बहुत बड़ा योगदान रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के प्रति पिता समर्पित रहे।

हर समय हमको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे। उन्होंने इस सफलता को माता और पिता के लिए समर्पित किया।

वहीं, निकिता को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सम्मानित किया, जबकि प्रारंभिक शिक्षा प्रारंभ करने वाले सरडोनिक्स स्कूल सहित कई जगहों पर सम्मानित की गईं।

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