छठ पर बिहार-बंगाल के रेल यात्रियों को राहत, सियालदह-सीतामढ़ी स्पेशल का झाझा-जसीडीह-मधुपुर में ठहराव, जानें टाइम टेबल
Chhath Special Train Asansol Railway Division: छठ महापर्व के लिए रेलवे ने सियालदह और सीतामढ़ी के बीच विशेष ट्रेन चलाने ...और पढ़ें

छठ पूजा पर रेल यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जा रही विशेष ट्रेन।
HighLights
सियालदह-सीतामढ़ी छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू।
11, 12, 18, 19 नवंबर को चलेगी यह विशेष ट्रेन।
झाझा, जसीडीह, मधुपुर समेत कई स्टेशनों पर ठहराव।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। Chhath Special Train Asansol Railway Division: लोक आस्था के महापर्व छठ के पावन अवसर पर दूसरे राज्यों से घर लौटने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।
त्योहार के दौरान नियमित ट्रेनों में उमड़ने वाली अप्रत्याशित भीड़ और लंबी प्रतीक्षा सूची (Waiting List) की समस्या से निपटने के लिए रेलवे प्रशासन ने सियालदह और सीतामढ़ी के बीच विशेष ट्रेन चलाने का बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को आसनसोल रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी ने इस स्पेशल ट्रेन के परिचालन की आधिकारिक जानकारी दी।
ट्रेन का समय और परिचालन तिथियां
सियालदह से सीतामढ़ी (गाड़ी सं. 03143): यह विशेष ट्रेन सियालदह स्टेशन से 11 और 18 नवंबर को रात 11:50 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन दोपहर 03:30 बजे सीतामढ़ी पहुंचेगी।
सीतामढ़ी से सियालदह (गाड़ी सं. 03144): वापसी दिशा में यह ट्रेन 12 और 19 नवंबर को शाम 05:00 बजे सीतामढ़ी से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 12:25 बजे सियालदह पहुंचेगी।
प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर होगा ठहराव
दोनों दिशाओं में अपनी यात्रा के दौरान यह विशेष ट्रेन पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह स्टेशनों पर रुकेगी।
इसके अलावा दानापुर मंडल के झाझा स्टेशन पर भी इस ट्रेन का नियमित ठहराव दिया गया है, जिससे जमुई और आसपास के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
यात्रियों को मिलेगा बेहतर सुविधा विकल्प
रेलवे प्रशासन के अनुसार, यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस विशेष ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी (General Unreserved), शयनयान (Sleeper Class) और वातानुकूलित श्रेणी (AC Standard Coaches) के डिब्बे उपलब्ध रहेंगे। इस विशेष ट्रेन के चलने से पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के यात्रियों को आवागमन में सीधी मदद मिलेगी, साथ ही त्योहार के दौरान मुख्य लाइन की नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाले यात्री दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
