डाक से आई 'मौत की चिट्ठी'! ₹4000000 दो वरना... जहानाबाद में दहशत फैला रहा बिश्नोई गैंग
जहानाबाद में अपराधियों ने डाक के जरिए धमकी भरे पत्र भेजकर कुल 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगी है। पुलिस ...और पढ़ें

जहानाबाद में डाक से 40 लाख की रंगदारी, टीपीसी बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी (AI Generated Image)
HighLights
डाक के जरिए 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
टीपीसी बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी भरे पत्र।
पुलिस अधीक्षक स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं।
जागरण संवाददाता, जहानाबाद। जिले में अपराधियों ने अब खौफ फैलाने के लिए डाक को हथियार बना लिया है। दो अलग-अलग लोगों को धमकी भरे पत्र भेजकर कुल 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने से सनसनी फैल गई है। एक पत्र सूर्य वर्चस स्कूल के निदेशक मनीष कुमार के नाम है, जिनसे 15 लाख रुपये मांगे गए हैं।
मनीष कुमार देश की प्रमुख दवा कंपनी अरिस्टो फार्मा के प्रबंध निदेशक उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू के दामाद बताए जाते हैं। वहीं, स्कूल भवन के मालिक सह व्यवसायी प्रवीण कुमार शर्मा को भेजे गए पत्र में 25 लाख रुपये की मांग की गई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पत्र भेजने वालों ने खुद को टीपीसी बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया है। धमकी भरे पत्र में रकम का इंतजाम होने के बाद स्कूल की छत पर लाल झंडा लगाने का फरमान सुनाया गया है।
पत्र के मुताबिक, झंडा लगने के बाद गिरोह का सदस्य वहां पहुंचकर रंगदारी की रकम लेगा। रकम नहीं देने पर जान-माल के नुकसान से लेकर हत्या तक की धमकी दी गई है।
शहर के मलहचक कुटिया स्थित लोक नगर शाखा के पते पर मनीष कुमार को 21 सितंबर को डाक के जरिए धमकी भरा पत्र मिला। दूसरी ओर, ओइना गांव निवासी व्यवसायी प्रवीण कुमार शर्मा को भी इसी तरीके से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाला पत्र भेजा गया।
प्रारंभिक जांच में दोनों पत्रों के डाक टिकट, लिफाफे, लिखावट और धमकी देने का प्रारूप एक जैसा पाया गया है। दोनों पत्रों में प्रेषक के तौर पर बभना निवासी सहदेव सिंह का नाम दर्ज है। हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पत्र वास्तव में किसने भेजे और नामजद व्यक्ति की इसमें कोई भूमिका है या नहीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी कोटा किरण कुमार खुद जांच की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने धमकी भरे पत्र और लिफाफे को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित डाकघर के कर्मचारियों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की जा रही है।
पुलिस इस अहम पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि धमकी के पीछे वास्तव में कोई संगठित गिरोह है या फिर स्थानीय अपराधियों ने किसी बड़े गैंग के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी वसूलने और इलाके में दहशत फैलाने की साजिश रची है। अब जांच की दिशा इस बात पर टिकी है कि डाक से पहुंची धमकी के पीछे छिपे चेहरे आखिर कौन हैं।
