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Navratri 2026: कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की होगी पूजा 

Published: Sat, 10 Oct 2026 04:02 PM (GMT+05:30)

शारदीय नवरात्र 2026 रविवार से शुरू हो रहा है, जिसमें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:27 से दोपहर 12:07 बजे तक है।

मां शैलपुत्री। फाइल फोटो

मां शैलपुत्री। फाइल फोटो

HighLights

  1. शारदीय नवरात्र 2026 रविवार से शुरू, दस दिनों तक चलेगा।

  2. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 11:27 AM से 12:07 PM तक।

  3. पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा, थावे मंदिर में भीड़।

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। रविवार से 10 दिनों तक चलने वाले शारदीय नवरात्र (navratri 2026) की शुरुआत होगी। नवरात्र के दौरान थावे दुर्गा मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ जमा होने को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई है।

पहले दिन माता रानी के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की दुर्गा मंदिरों में पूजा-अर्चना की जाएगी। रविवार को ही लोगों के घरों से लेकर पूजा पंडाल तक में कलश स्थापना की जाएगी। इसकी तैयारियां भी पूरी कर ली गई है।

पं. किशोर उपाध्याय ने बताया कि रविवार को शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। पंचांग गणना के अनुसार, 11 अक्टूबर यानी रविवार को देवी आराधना की पूजा और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:27:09 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:07 बजे तक का रहेगा।

इस अवधि में कलश स्थापना शुभ होगा। बताया कि इस साल शारदीय नवरात्र में नवमी तिथि दो दिन लग रही है। इसके बावजूद इस साल का नवरात्र पूरे दस दिनों का होगा।

उन्होंने बताया कि इस साल नवरात्र के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग बन रहा है। 17 अक्टूबर को सप्तमी है। इस दिन मां का पट खुलेगा।

कलश स्थापना से मिलेगी सुख-समृद्धि

पंडित किशोर उपाध्याय ने वैदिक ने पुराणों के हवाले से बताया कि कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। कलश में ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र, नवग्रह समेत चौसठ योगिनियों सहित सभी देवी-देवताओं का वास होता है।

धर्मशास्त्र के अनुसार नवरात्र में कलश की पूजा करने से सुख- समृद्धि, धन, वैभव, ऐश्वर्य, शांति, पारिवारिक उन्नति तथा रोग-शोक का नाश होता है।

शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। पर्वत राज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा।

यह सती के नाम से भी जानी जाती हैं। इनका वाहन वृषभ है। देवी ने दाएं हाथ में त्रिशूल धारण कर रखा है और बाएं हाथ में कमल।

18 अक्टूबर को महाअष्टमी

शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र को लेकर तमाम घरों में साफ-सफाई से लेकर अन्य इंतजाम पूर्ण कर लिया गया है। इस साल 18 अक्टूबर को को महाअष्टमी होगी।

19 अक्टूबर को नवमी के दिन नवरात्र रखने वाले भक्त हवन करेंगे। 20 अक्टूबर को दशमी के दिन नवरात्र का विधिवत समापन हो जाएगा।

ऐतिहासिक थावे मंदिर में उमड़ेंगे श्रद्धालु

शारदीय नवरात्र में इस साल भी ऐतिहासिक थावे मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। इस साल किसी भी तरह की रोक नहीं होने के कारण दूर-दराज से भी भक्त मंदिर में मां की पूजा-अर्चना को पहुंचेंगे।

ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर मंदिर परिसर में भी सुरक्षा व भीड़ पर नियंत्रण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

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