बिहार में अब तीसी के साथ खेतों में खिलेंगे सूर्यमुखी के फूल, किसानों को मिलेगा अनुदान
गोपालगंज में धान की कटाई के बाद कृषि विभाग तीसी और सूर्यमुखी की खेती शुरू करेगा। इसके लिए लक्ष्य निर्धारित ...और पढ़ें

बिहार में अब तीसी के साथ खेतों में खिलेंगे सूर्यमुखी के फूल, किसानों को मिलेगा अनुदान
HighLights
कृषि विभाग ने तीसी व सूर्यमुखी खेती का लक्ष्य तय किया।
किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सूर्यमुखी किसानों को रकबा के अनुसार अनुदान मिलेगा।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। अब कृषि विभाग को बस धान की फसल कटने के बाद खेत खाली होने का इंतजार है। धान की फसल कटने के साथ ही जिले में तीसी तथा सूर्यमुखी की खेती शुरू हो जाएगी। जिला कृषि विभाग ने तीसी तथा सूर्यमुखी की खेती के लिए लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है।
उन्नत तरीके से खेती करने के लिए किसानों को प्रशिक्षण देने की कवायद भी शुरू हो गई है। ऐसे में अब धान की कटनी के बाद खाली होने वाली खेतों में तीसी के साथ सूर्यमुखी के फूल खिलेंगे। तीसी व सूर्यमुखी की जिले में खेती के लक्ष्य को परखती गोपालगंज से रिपोर्ट...।
प्रखंड वार लक्ष्य निर्धारण का कार्य पूर्ण
जिले में तीसी तथा सूर्यमुखी की खेती काफी समय हो होती आ रही है। इस बार कृषि विभाग ने तीसी तथा सूर्यमुखी की खेती पर विशेष ध्यान दिया है। इसके लिए लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया गया है।
जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार सुमन ने बताया कि धान की कटनी के बाद तीसी तथा सूर्यमुखी की खेती की पहल की गई है।
उन्होंने बताया कि 1130 हेक्टेयर में तीसी तथा 70 हेक्टेयर में सूर्यमुखी की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसको लेकर प्रखंड वार लक्ष्य तय किया गया है।
उन्होंने बताया कि उन्नत तरीके से खेती करने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही सूर्यमुखी की खेती करने वाले किसानों को अनुदान भी दिया जाएगा।
रकबा के अनुसार किसानों को मिलेगा अनुदान
तीसी व सूर्यमुखी की खेती के लिए किसानों को रकबा के अनुसार अनुदान दिया जाएगा। अनुदान देने की पूरी प्रक्रिया खेतों में सूर्यमुखी व तीसी की खेती होने के बाद दी जाएगी। दोनों फसल की खेती के लिए अलग-अलग अनुदान की राशि मिलेगी।
किस प्रखंड में कितने हेक्टेयर में होगी सूर्यमुखी की खेती?
| प्रखंड | लक्ष्य हेक्टेयर में |
|---|---|
| बैकुंठपुर | 07 |
| सिधवलिया | 04 |
| बरौली | 07 |
| मांझा | 06 |
| गोपालगंज | 05 |
| थावे | 03 |
| कुचायकोट | 09 |
| हथुआ | 07 |
| उचकागांव | 03 |
| फुलवरिया | 04 |
| भोरे | 05 |
| कटेया | 03 |
| पंचदेवरी | 03 |
| विजयीपुर | 04 |
कहां कितने हेक्टेयर में होगी तीसी की खेती?
| प्रखंड | लक्ष्य हेक्टेयर में |
|---|---|
| बैकुंठपुर | 106 |
| सिधवलिया | 63 |
| बरौली | 111 |
| मांझा | 97 |
| गोपालगंज | 77 |
| थावे | 53 |
| कुचायकोट | 150 |
| हथुआ | 106 |
| उचकागांव | 68 |
| फुलवरिया | 58 |
| भोरे | 82 |
| कटेया | 53 |
| पंचदेवरी | 43 |
| विजयीपुर | 63 |
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