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ड्रोन से 5 मिनट में 1 एकड़ खेत में छिड़काव, आधी लागत दे रहे किसान; बिहार सरकार दे रही 50% सब्सिडी

Published: Fri, 23 Oct 2026 03:19 PM (IST)

लखीसराय के किसान अब पारंपरिक छिड़काव के बजाय ड्रोन तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कम समय और लागत में फसलों को कीटों से बचाया जा रहा है।

ड्रोन से 5 मिनट में 1 एकड़ खेत में छिड़काव, आधी लागत दे रहे किसान

ड्रोन से 5 मिनट में 1 एकड़ खेत में छिड़काव, आधी लागत दे रहे किसान

HighLights

  1. ड्रोन से 5-6 मिनट में एक एकड़ खेत का छिड़काव।

  2. सरकार दे रही 50% अनुदान, किसानों को आधी लागत।

  3. लखीसराय में 3,675 एकड़ में ड्रोन छिड़काव का लक्ष्य।

मुकेश कुमार, लखीसराय। जिले में खेती का तरीका बदलने लगा है। फसलों को कीट, रोग और खरपतवार से बचाने के लिए किसान अब पारंपरिक छिड़काव के बजाय ड्रोन तकनीक अपना रहे हैं।

पौधा संरक्षण विभाग की इस पहल से कम समय में खेतों में कीटनाशी, रोगनाशी और तरल उर्वरकों का समान रूप से छिड़काव संभव हो रहा है।

खास बात यह है कि जिस छिड़काव पर किसानों को सामान्य दर से 419 रुपये प्रति एकड़ खर्च करने पड़ते हैं, उसमें सरकार 50 प्रतिशत अनुदान दे रही है।

इससे किसानों को करीब 210 रुपये प्रति एकड़ भुगतान करना पड़ता है। इससे कम लागत में फसल सुरक्षा की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

3,675 एकड़ में छिड़काव का लक्ष्य, 790 एकड़ में काम पूरा

वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में 3,675 एकड़ खेतों में ड्रोन से छिड़काव कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 1,870 एकड़ में छिड़काव के लिए किसानों ने पौधा संरक्षण कार्यालय में आवेदन दिया है। इनमें से 790 एकड़ में छिड़काव कराया जा चुका है।

आंकड़े बताते हैं कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक करीब 21.5 प्रतिशत खेतों में ही छिड़काव हुआ है। वहीं, प्राप्त आवेदनों के मुकाबले भी अभी काफी काम बाकी है। ऐसे में लक्ष्य पूरा करने के लिए किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ छिड़काव की प्रक्रिया में तेजी लाना जरूरी होगा।

कम पानी में समान छिड़काव, समय और श्रम की बचत

पारंपरिक तरीके से मैनुअल स्प्रेयर के जरिए खेतों में छिड़काव करने में अधिक समय और श्रम लगता है। इसके विपरीत ड्रोन से एक एकड़ खेत में करीब पांच से छह मिनट में छिड़काव किया जा सकता है। इसके लिए लगभग 10 लीटर पानी का उपयोग होता है।

इससे खेत में प्रवेश किए बिना फसलों पर दवाओं और तरल उर्वरकों का समान रूप से छिड़काव संभव होता है। पौधा संरक्षण विभाग किसानों को आधुनिक तकनीक, समेकित कीट प्रबंधन और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

ड्रोन से छिड़काव किसानों के लिए उपयोगी और लाभकारी है। इससे समय की बचत के साथ फसलों की सुरक्षा में भी मदद मिलती है। छिड़काव की वास्तविक लागत 419 रुपये प्रति एकड़ है, जिस पर सरकार 50 प्रतिशत अनुदान दे रही है। इससे किसानों को करीब 210 रुपये प्रति एकड़ भुगतान करना पड़ता है।- अंकित आनंद, सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण

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