यूट्यूब से मिली प्रेरणा, लोन लेकर की पढ़ाई: बिहार की बेटी पूजा का स्वास्थ्य विभाग में चयन
पूजा कुमारी ने बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में चयनित होकर गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में योगदान दिया है।

पूजा कुमारी। (फाइल फोटो)
HighLights
पूजा कुमारी का बिहार स्वास्थ्य विभाग में चयन, परिवार गौरवान्वित।
आर्थिक तंगी और पिता के निधन के बाद भी पढ़ाई जारी।
बरवाडीह गांव की पहली बेटी, बनी अन्य के लिए प्रेरणा।
अमित कुमार सिंह, बाराचट्टी (गया)। बाराचट्टी प्रखंड की जयगीर पंचायत के बरवाडीह गांव की बेटी पूजा कुमारी ने मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर सफलता की नई इबारत लिखी है।
बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में चयनित होकर उन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव और पंचायत को गौरवान्वित किया है।
पूजा ने गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में योगदान दिया है। आर्थिक तंगी और पिता के असमय निधन जैसी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हासिल की गई उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र की दूसरी बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
पूजा स्वर्गीय देवनन्दन यादव और चिंता देवी की सबसे छोटी बेटी हैं। सात भाई-बहनों वाले परिवार में उनके पिता किसान थे, जबकि मां गृहिणी हैं।
वर्ष 2023 में पिता के निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ऐसे कठिन समय में भी पूजा ने हिम्मत नहीं हारी और पिता के सपने को पूरा करने के संकल्प के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी।
गांव के स्कूल से आंध्र प्रदेश तक का सफर
पूजा ने वर्ष 2017 में उच्च विद्यालय, बरवाडीह से मैट्रिक और कन्या उच्च विद्यालय, बाराचट्टी से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद यूट्यूब से जानकारी जुटाकर नर्सिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने आंध्र प्रदेश से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। आर्थिक कठिनाइयों के बीच शिक्षा जारी रखने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत चार लाख रुपये का ऋण भी लिया।
नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी
पिता के निधन के बाद पूजा ने गया के दुबहल स्थित डीपीएस नर्सिंग होम में काम करना शुरू किया। नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।
वर्ष 2024 में खटकाचक में रहकर उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में चयन हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार, पूजा बरवाडीह गांव की पहली बेटी हैं, जिन्होंने इस तरह स्वास्थ्य विभाग में सफलता हासिल कर गांव का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि साबित करती है कि सीमित संसाधन और कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के आगे बाधा नहीं बन सकतीं।
पूजा की सफलता आज गांव की उन बेटियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो संघर्षों के बीच अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखती हैं।
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