पितृपक्ष के बीच रेलवे का इंतजाम, गया-किऊल के रास्ते चल रहीं 15 से अधिक ट्रेनें; मोकामा रेल पुल में काम से दबाव
मोकामा रेल पुल पर चल रहे एनआइ कार्य के कारण 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक कई ट्रेनें परिवर्तित मार्ग ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
मोकामा रेल पुल पर एनआइ कार्य से ट्रेनें परिवर्तित मार्ग पर।
किऊल-गया होकर ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड से गुजर रहीं प्रमुख ट्रेनें।
पितृपक्ष के कारण गया जंक्शन पर यात्रियों व ट्रेनों का दबाव बढ़ा।
जागरण संवाददाता, गयाजी। मोकामा रेल पुल से परिचालन शुरू करने को लेकर 21 सितंबर से चार अक्टूबर तक चल रहे एनआइ कार्य का असर पूर्व मध्य रेलवे के कई रेलखंडों पर पड़ा है। इस अवधि में बड़ी संख्या में ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है।
इनमें कई महत्वपूर्ण ट्रेनें किऊल-गया होकर ग्रैंड कार्ड रेलखंड से गुजर रही हैं। पितृपक्ष महासंगम के बीच गया जंक्शन पर देशभर से पिंडदानियों के पहुंचने के कारण इन ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ गई है।
परिवर्तित मार्ग से किऊल-गया होकर चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में 15657 दिल्ली-कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल, 15658 कामाख्या-दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल, 22405 भागलपुर-आनंद विहार टर्मिनल गरीब रथ एक्सप्रेस, 22406 आनंद विहार टर्मिनल-भागलपुर गरीब रथ एक्सप्रेस और 15647 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गुवाहाटी एक्सप्रेस शामिल हैं।
इन ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में किऊल-गया-ग्रैंड कॉर्ड के रास्ते चलाया जा रहा है। इसके अलावा कई ट्रेनों को किऊल से शेखपुरा, बिहारशरीफ और बख्तियारपुर के रास्ते चलाया जा रहा है।
इनमें 13006 अमृतसर-हावड़ा मेल, 13047 हावड़ा-प्रयागराज रामबाग विभूति एक्सप्रेस, 13208 पटना-जसीडीह एक्सप्रेस, 13332 पटना-धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस, 13334 पटना-दुमका एक्सप्रेस, 18621 पटना-हटिया एक्सप्रेस, 18622 हटिया-पटना एक्सप्रेस, 63206 पटना-किऊल मेमू, 63209 देवघर-पटना मेमू, 63210 पटना-देवघर मेमू और 63212 पटना-झाझा मेमू प्रमुख हैं।
गया आने वाले यात्रियों को मिल रहा अतिरिक्त विकल्प
परिवर्तित मार्ग से ट्रेनों के संचालन का असर नवादा, शेखपुरा और लखीसराय के यात्रियों पर भी पड़ा है। इन जिलों के यात्रियों को किऊल-गया रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों से यात्रा करने के अतिरिक्त विकल्प मिल रहे हैं।
पितृपक्ष के दौरान गया आने वाले यात्रियों के लिए यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु ट्रेनों के माध्यम से गया जंक्शन पहुंच रहे हैं।
गया जंक्शन पर बढ़ा दबाव
एक ओर परिवर्तित मार्ग से अतिरिक्त ट्रेनों के आने से यात्रियों को सुविधा मिल रही है, वहीं दूसरी ओर गया जंक्शन पर ट्रेनों के परिचालन का दबाव भी बढ़ गया है। पितृपक्ष के कारण स्टेशन पर पहले से ही यात्रियों की भीड़ है।
रेल प्रशासन की ओर से उद्घोषणा, सूचना पट्ट और कर्मियों के माध्यम से यात्रियों को ट्रेनों के मार्ग और प्लेटफॉर्म की जानकारी दी जा रही है। चार अक्टूबर के बाद एनआइ कार्य पूरा होने पर परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनों का परिचालन सामान्य होने की उम्मीद है।
इससे गया जंक्शन पर ट्रेनों का अतिरिक्त दबाव कम होगा। फिलहाल पितृपक्ष को देखते हुए रेल प्रशासन के सामने यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों के सुचारू संचालन की दोहरी जिम्मेदारी है।
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