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खेत बेचने को तैयार थे पिता, बेटी बनीं बिहार टॉपर; अब IAS बनने दिल्ली पहुंची गया की निशु

Published: Thu, 05 Nov 2026 03:45 PM (IST)

खिजरसराय की निशु कुमारी ने बिहार इंटरमीडिएट कला संकाय में 479 अंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया है। अब ...और पढ़ें

किसान की बेटी निशु ने रचा सफलता का इतिहास, अब यूपीएससी पर नजर

किसान की बेटी निशु ने रचा सफलता का इतिहास, अब यूपीएससी पर नजर

HighLights

  1. निशु कुमारी ने इंटरमीडिएट कला संकाय में प्रदेश में टॉप किया।

  2. अब वह दिल्ली में रहकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।

  3. उनकी सफलता ग्रामीण बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बनी है।

विवेक कुमार, नीमचक बथानी (गया)। मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर गांव की पगडंडियों से निकलकर प्रदेश स्तर पर पहचान बनाने वाली खिजरसराय प्रखंड के लोदीपुर गांव की बेटी निशु कुमारी अब अपने सपनों को नई उड़ान दे रही हैं।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटरमीडिएट कला संकाय की परीक्षा में 500 में 479 अंक हासिल कर प्रदेश में टॉपर बनीं निशु ने अब अपना लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करना बनाया है। इसके लिए वह दिल्ली में रहकर स्नातक की पढ़ाई के साथ सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं।

एक साधारण किसान परिवार में जन्मी निशु की सफलता के पीछे वर्षों का संघर्ष और परिवार का त्याग है। उनके पिता आमोद कुमार छोटे किसान हैं, जबकि मां रिंकी देवी गृहिणी हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने बेटी की शिक्षा में कभी कोई कमी नहीं आने दी।

बेटी को उच्च शिक्षा दिलाने के प्रति पिता का समर्पण इस बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने जरूरत पड़ने पर उसकी पढ़ाई के लिए खेत तक बेचने की बात कही। परिवार के इसी भरोसे और सहयोग ने निशु को अपने लक्ष्य के प्रति लगातार आगे बढ़ने का हौसला दिया।

इंटरमीडिएट में प्रदेश स्तर पर सर्वोच्च स्थान हासिल करने के बाद निशु ने दिल्ली स्थित हिंदी यूनिवर्सिटी में स्नातक में नामांकन कराया।

फिलहाल, वह दिल्ली में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखने के साथ यूपीएससी की तैयारी में जुटी हैं। उनका सपना प्रशासनिक सेवा में शामिल होकर समाज और देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

ग्रामीण बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा

निशु की उपलब्धि से लोदीपुर गांव के साथ पूरे खिजरसराय और गया जिले का गौरव बढ़ा है। उनकी सफलता उन ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।

निशु ने साबित किया है कि प्रतिभा, परिश्रम और परिवार का सहयोग मिले तो आर्थिक अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकता।

गांव से निकलकर प्रदेश की टॉपर बनने और अब यूपीएससी की तैयारी तक पहुंचने का उनका सफर दूसरी बेटियों को भी शिक्षा के माध्यम से अपनी पहचान बनाने की प्रेरणा दे रहा है।

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