विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मजदूर पिता की बेटी ने पहनी खाकी, बेगूसराय की पूजा बनीं बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल

Published: Thu, 05 Nov 2026 02:39 PM (IST)

वीरपुर प्रखंड के खरमौली गांव की पूजा कुमारी ने सीमित संसाधनों के बावजूद बिहार पुलिस में महिला कॉन्स्टेबल बनकर परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।

मजदूर पिता की बेटी ने पहनी खाकी, बेगूसराय की पूजा बनीं बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल

मजदूर पिता की बेटी ने पहनी खाकी, बेगूसराय की पूजा बनीं बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल

HighLights

  1. पूजा कुमारी का बिहार पुलिस में महिला कॉन्स्टेबल पद पर चयन।

  2. मजदूर पिता की बेटी ने सीमित संसाधनों में पाई बड़ी सफलता।

  3. यह सफलता अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा, संघर्ष की नई मिसाल।

धर्मेंद्र कुमार, वीरपुर (बेगूसराय)। वीरपुर प्रखंड के खरमौली गांव की बेटी पूजा कुमारी ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलता की नई इबारत लिखी है।

दूसरे प्रदेश में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले पिता नरेश महतो की बेटी ने बिहार पुलिस में महिला कॉन्स्टेबल के पद पर चयनित होकर परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।

पूजा की यह उपलब्धि उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष करती हैं।

पूजा की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग और उसका वर्षों का परिश्रम है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद पिता नरेश महतो ने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।

परिवार का खर्च चलाने और बच्चों का भविष्य संवारने के लिए वह दूसरे प्रदेश में रहकर मजदूरी करते हैं। वहीं, मां अनीता देवी भले ही बहुत कम पढ़ी-लिखी हैं, लेकिन उन्होंने बेटी को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया।

बचपन से पढ़ाई में थी मेधावी:

मां अनीता देवी ने बताया कि पूजा बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी और अनुशासित रही है। तबीयत खराब होने पर भी वह स्कूल जाना नहीं छोड़ती थी। पूजा की प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय में हुई।

उसने वर्ष 2022 में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, खरमौली से मैट्रिक और वर्ष 2024 में कॉपरेटिव कॉलेज, बेगूसराय से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की।

इसके बाद उसने बिहार पुलिस में भर्ती होने का लक्ष्य निर्धारित कर तैयारी शुरू कर दी। आखिरकार वर्ष 2026 में उसकी मेहनत रंग लाई और महिला कॉन्स्टेबल के पद पर चयन हो गया।

बाल्मीकिनगर में ले रही प्रशिक्षण:

पूजा दो भाई और दो बहनों में सबसे बड़ी है। उसकी सफलता से छोटे भाई-बहनों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। फिलहाल वह पश्चिम चंपारण जिले के बाल्मीकिनगर में पुलिस प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। बेटी की उपलब्धि से मां अनीता देवी और पिता नरेश महतो बेहद खुश हैं। गांव में भी उत्साह का माहौल है।

पूजा की कामयाबी ने साबित कर दिया कि सफलता आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होती। यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण, निरंतर मेहनत और परिवार का सहयोग मिले तो अभावों के बीच पली-बढ़ी बेटियां भी अपनी मंजिल हासिल कर सकती हैं। एक मजदूर पिता के संघर्ष और बेटी की मेहनत ने आज पूरे परिवार के सपने को साकार कर दिया है।

यह भी पढ़ें- संघर्ष से संवार रही परिवार, नवादा की पूनम गुमटी दुकान चलाकर पढ़ा रहीं चार भाइयों को

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।