दरभंगा में प्रीपेड मीटर का गजब खेल, नियमित रिचार्ज करते रहे उपभोक्ता फिर भी बकाया 80 हजार
दरभंगा के बिरौल अनुमंडल में प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं के मीटर में अचानक 10 हजार से 80 हजार रुपये तक की ...और पढ़ें

दरभंगा जिले के बिरौल में विरोध प्रदर्शन करते स्थानीय लोग।
HighLights
प्रीपेड मीटर में 10 हजार से 80 हजार तक माइनस राशि।
नियमित रिचार्ज करने वाले उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना।
उपभोक्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी, विभाग ने जांच शुरू की।
संवाद सहयोगी, बिरौल (दरभंगा)। प्रीपेड बिजली व्यवस्था उपभोक्ताओं की सुविधा के बजाय अब परेशानी का कारण बनती दिख रही है। अनुमंडल क्षेत्र के थ्री फेज प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं के मीटर में अचानक 10 हजार से लेकर 80 हजार रुपये तक की माइनस राशि दिखाई देने से हड़कंप मच गया है।
नियमित रूप से रिचार्ज कर बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ता यह समझ नहीं पा रहे हैं कि प्रीपेड व्यवस्था में इतनी बड़ी बकाया राशि आखिर कैसे खड़ी हो गई। सोमवार को बड़ी संख्या में प्रभावित उपभोक्ता बिल की प्रतियां लेकर बिरौल विद्युत अवर प्रमंडल कार्यालय पहुंचे।
उपभोक्ताओं ने बताया कि प्रीपेड मीटर में राशि खत्म होते ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती थी। ऐसी स्थिति में बिना रिचार्ज बिजली की खपत संभव नहीं है। इसके बावजूद मीटर में हजारों रुपये की माइनस राशि दिखना व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है।
अजीत कुमार, उमाशंकर यादव, महेश्वर यादव, महेश कुमार, अरविंद कुमार पूर्वे सहित अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि वे नियमित रूप से साप्ताहिक रिचार्ज कर बिजली का इस्तेमाल करते हैं।
कई उपभोक्ताओं के मीटर में 50 से 80 हजार रुपये तक की माइनस राशि दिखाई दे रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अचानक इतनी बड़ी राशि का बोझ डालने से छोटे कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
एक हजार से अधिक थ्री फेज उपभोक्ता
अनुमंडल क्षेत्र में एक हजार से अधिक थ्री फेज उपभोक्ता हैं। बिरौल, गौड़ाबौराम, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, किरतपुर और घनश्यामपुर प्रखंड में बड़ी संख्या में लोग आटा चक्की, वेल्डिंग, तेल पेराई और छोटे मोटर आधारित कारोबार से परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बिजली बिल की गड़बड़ी से इनके कारोबार के साथ-साथ परिवार की आजीविका भी प्रभावित होने की आशंका है।
माइनस बिल से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। मीटर रीडिंग और बिजली खपत की जांच कराई जाएगी। जांच में बिल में त्रुटि मिलने पर आवश्यक सुधार किया जाएगा। इस प्रकार की समस्या सॉफ्टवेयर में त्रुटि की वजह से आ सकती है।
- प्रभाष चंद्र, सहायक अभियंता, विद्युत विभाग।
