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पत्नी के इलाज की गुहार लगाने पहुंचा था पति, जूनियर डाक्टर ने पीट दिया, दरभंगा के DMCH में हंगामा

Published: Tue, 06 Oct 2026 06:04 PM (IST)

दरभंगा के डीएमसीएच में पत्नी के इलाज के लिए पहुंचे एक युवक को जूनियर डॉक्टर ने कथित तौर पर पीट ...और पढ़ें

HighLights

  1. पत्नी के इलाज के लिए पहुंचे युवक को डॉक्टर ने पीटा।

  2. युवक की पीठ पर जूते के निशान देखकर हंगामा हुआ।

  3. पुलिस ने स्थिति संभाली, शिकायत पर जांच का आश्वासन।

जागरण संवाददाता, दरभंगा। डीएमसीएच में पत्नी का इलाज कराने पहुंचे एक युवक की पीठ पर जूते के निशान देखकर मंगलवार को इमरजेंसी परिसर में हंगामा मच गया। युवक का आरोप था कि इलाज के लिए डॉक्टर से आग्रह करने पर एक जूनियर डॉक्टर ने उसकी पिटाई कर दी।

पीड़ित युवक रोते हुए अपनी पीठ पर बने निशान लोगों को दिखाने लगा। इससे वहां मौजूद अन्य मरीजों के स्वजन भी आक्रोशित हो गए। करीब 30 मिनट तक सर्जरी ब्लाक परिसर में शोर-शराबे की स्थिति बनी रही।

पीठ पर जूते का निशान दिखाकर रोया युवक

सदर प्रखंड के खरथूआ-बिजली निवासी रवि कुमार अपनी 18 वर्षीय पत्नी फूलो देवी को इलाज के लिए डीएमसीएच लेकर पहुंचे थे। रवि का आरोप है कि पर्ची कटाने के बाद वह चार नंबर कक्ष में डॉक्टर से इलाज के लिए आग्रह करने गया। दो-तीन बार कहने पर एक जूनियर डॉक्टर ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उसके पीठ पर लात से मारा गया। हालांकि, दूसरे डॉक्टर ने बीच-बचाव कर उसे वहां से हटा दिया।

स्वजन जुटे, व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद रवि सर्जरी ब्लाक परिसर में खड़े होकर रोने लगा। अपनी पीठ पर जूते के निशान दिखाते हुए उसने डॉक्टर पर मारपीट का आरोप लगाया। युवक को बिलखते देख मरीजों के अन्य स्वजन भी जुट गए। कई लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए। करीब आधे घंटे तक परिसर में भीड़ जुटी रही और शोर-शराबा होता रहा।

पुलिस ने संभाली स्थिति

हंगामे की सूचना पर सुरक्षा सुपरवाइजर ने डायल 112 और बेंता थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद भीड़ को हटाया गया। इसके बाद रवि ने अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। अधीक्षक डा. जगदीश चंद्र ने मामले की जांच कर संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद महिला मरीज का उपचार शुरू कराया गया।

15 दिन पहले भी हुई थी भर्ती

रवि ने बताया कि उसकी पत्नी को करीब एक महीने से शौच नहीं हो रहा है और उसकी स्थिति गंभीर है। 15 दिन पहले भी उसे मेडिसीन वार्ड में भर्ती कराया गया था। दो दिन बाद डॉक्टरों ने स्वस्थ बताकर डिस्चार्ज कर दिया था। घर लौटने के बाद समस्या बनी रही। इसके बाद मंगलवार को वह दोबारा इलाज के लिए डीएमसीएच पहुंचा था।

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