दरभंगा में रील को लेकर पत्नी से हुई थी कहासुनी, रात में रेलवे ट्रैक पर मिला जीएनएम छात्र का शव
दरभंगा में एक जीएनएम छात्र राजकुमार राम की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई, जिसका शव रेलवे ...और पढ़ें

युवक की फाइल फोटो व पोस्टमार्टम परिसर में विलाप करतीं मां को दिलासा देते लोग। जागरण
HighLights
दरभंगा में जीएनएम छात्र राजकुमार राम की ट्रेन से मौत।
पत्नी से मोबाइल रील विवाद के बाद तनाव में था छात्र।
पुलिस ने खुदकुशी की आशंका जताई, जांच जारी है।
संवाद सहयोगी, दरभंगा । शहर के मध्य दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड के 22 नंबर रेलवे फाटक के निकट ट्रेन की चपेट में आने से सोमवार देर रात बेंता थाना क्षेत्र के रघेपुरा वार्ड नंबर नौ निवासी मदन राम के पुत्र राजकुमार राम (25) की मौत हो गई।
वह सैदनगर स्थित एक निजी कालेज में जीएनएम नर्सिंग कोर्स के सत्र 2024-27 का छात्र था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के दौरान बड़े भाई राम कुमार राम ने बताया कि सोमवार रात बेंता चौक पर नाश्ता कर लौटने के दौरान हादसा हुआ है। जिसकी जानकारी स्थानीय लोगों ने दी। जिसके बाद आनन-फानन में 22 नंबर रेलवे गुमटी पर पहुंचे तो रेलवे ट्रैक पर भाई का शव मिला।
पत्नी के मोबाइल पर रील बनाने से व्यथित था राजकुमार
जीएनएम छात्र राजकुमार राम का सिर से अलग धड़ को देख लोग सहम उठे। लोग हत्या या खुदकुशी की आशंका जताने लगे। उसकी तीन महीने पहले शादी हुई थी। जिसके बाद से वह पारिवारिक उलझनों से घिर गया।
बताया जाता है कि उसकी पत्नी काजल को मोबाइल पर रील बनाने की आदत है। जिसके चलते अक्सर राजकुमार की पत्नी से बकझक होती रहती थी। सोमवार शाम भी पत्नी की रील देखकर वह तनाव में आकर घर से निकल गया था।
जिसके बाद देर रात उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। बेंता थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला खुदकुशी का प्रतीत होता है। आगे की कार्रवाई स्वजन के आवेदन देने पर की जाएगी।
होनहार युवक की मौत से सदमे में स्वजन, उमड़ी भीड़
मंगलवार को मृत राजकुमार का शव देखने स्थानीय लोग उमड़ पड़े। मां प्रमिला देवी और बहनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। पिता मदन राम डीएमसीएच के पीएचईडी से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं।
दो भाई व चार बहनों में छोटा राजकुमार सबका चहेता और होनहार था। उसकी मौत से स्वजन सदमे में हैं। पोस्टमार्टम कक्ष के पास मोहल्ले के लोगों की भीड़ उमड़ी रही।
यह भी पढ़ें- दरभंगा में दाह संस्कार के बाद नहाना बना अखिलेश की जिंदगी का आखिरी सफर, दो बेटों के सिर से उठा साया
